राजस्व कर्मियों की हड़ताल के कारण दाखिल-खारिज प परिमार्जन के लिए भटक रहे किसान
Published by : RAJKISHORE SINGH Updated At : 13 Feb 2026 8:38 PM
राजस्व कर्मियों की हड़ताल के कारण दाखिल-खारिज प परिमार्जन के लिए भटक रहे किसान
खगड़िया. राजस्व कर्मियों की हड़ताल के कारण किसान अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. दाखिल खारिज, परिमार्जन, एलपीसी, आधार सीडिंग, कृषि गणना, भू संपरिवर्तन का कार्य ठप हो गया है. राजस्व कर्मियों की हड़ताल चार दिनों से चल रहा है. इसके कारण राजस्व से संबंधित अधिकांश कार्य प्रभावित हो गया है. राजस्व कर्मी संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि बढ़ते भूमि विवादों और राजस्व सुधारों की धीमी गति के लिए प्रशासन की सबसे निचली इकाई राजस्व कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराने की परिपाटी बंद होना चाहिए. सौ साल पुरानी सड़ी-गली व्यवस्था और विरोधाभासी कानूनों का ठीकरा सिर्फ कर्मचारियों पर फोड़ना न्यायसंगत नहीं है. बल्कि समस्या से मुंह मोड़ने जैसा है. वहीं राजस्व कर्मी संघ के सचिव मिथलेश कुमार ने कहा कि जिले के 75 प्रतिशत से अधिक मौजा में जमीन से संबंधित कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि जिले के 131 हल्का में मात्र 59 कर्मचारी पदस्थापित है.
अतिरिक्त कार्य के लिए मोर वर्क, मोर पे हो लागू
संघ ने विभागीय पत्रों के अनुपालन को सुनिश्चित करने और अनावश्यक दमक कार्रवाई रोकने की मांग की है. सचिव मिथलेश ने कहा कि अतिरिक्त हल्का और महा अभियान जैसे कार्यों के दौरान सामान्य त्रुटियों के लिए दंडित करना अनुचित है. तब तक सभी अतिरिक्त कार्य के लिए मोर वर्क, मोर पे की व्यवस्था लागू की जाय. एक बार निर्धारित संवर्ग में नियुक्ति के बाद उसमें परिवर्तन करना कर्मचारियों के हित के विरुद्ध है.हल्का संचालन के लिए बैठने व पेयजल की हो उपलब्धता
संघ के पदाधिकारी तरुण सिंह ने हल्का संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों जैसे बैठने की व्यवस्था कागज, कलम, कार्बन और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की. कहा कि बुनियादी संसाधनों के अभाव में कार्य प्रभावित होता है और किसानों को असुविधा होती है. उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण मांगों में राजस्व कर्मचारी नियमावली 2025 को निरस्त करने की मांग की है. कहा यह नियमावली कर्मचारियों के हित में नहीं है. इससे सेवा शर्तें प्रतिकूल रूप से प्रभावित होती है. इस पर ध्यान देना चाहिए.नौ फरवरी को धरना में कर्मियों ने सामूहिक अवकाश की बात कही थी
बीते नौ फरवरी को आयोजित एक दिवसीय धरना में भाग ले रहे कर्मचारियों ने कहा था यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 11 फरवरी से सभी राजस्व कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले जायेंगे. संघ का कहना है कि वे टकराव नहीं चाहते, बल्कि संवाद और समाधान की अपेक्षा रखते हैं, लेकिन लगातार अनदेखी से कर्मचारियों में निराश और रोष बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि यदि सामूहिक अवकाश की नौबत आती है तो इसकी जिम्मेदारी विभाग और राज्य सरकार की होगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










