डॉक्टरों की हड़ताल से सरकारी अस्पतालों में ओपीडी रही बंद, मरीजों को हुई परेशानी; चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर आईएमए ने जताया आक्रोश

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फोटो-38कैप्सन-इंतजार में बैठे मरीज.  | Prabhat Khabar Network

फोटो- इंतजार में बैठे मरीज. | Prabhat Khabar Network

अरवल में सिविल सर्जन के साथ हुई अभद्रता और मारपीट की घटना के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) एवं बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के आह्वान पर खगड़िया जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद रही. इससे दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं, लेकिन आम इलाज ठप रहा.

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अरवल जिले में सिविल सर्जन के साथ हुई अभद्रता और मारपीट की घटना के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) एवं बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के आह्वान पर बुधवार को खगड़िया जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद रही. इससे दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

ओपीडी बंद रहने से मरीज लौटे बैरंग

सदर अस्पताल के अलावा जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों ने नियमित ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया. अस्पताल पहुंचे मरीज घंटों डॉक्टरों के इंतजार में बैठे रहे. बाद में ओपीडी बंद होने की जानकारी मिलने पर कई मरीज बिना इलाज लौट गए, जबकि कुछ मरीजों ने निजी अस्पतालों का रुख किया.

इमरजेंसी और प्रसव सेवाएं रहीं जारी

हड़ताल के बावजूद गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन सेवा, प्रसव कक्ष और भर्ती मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित होती रही. अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया.

निजी अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद रहने से निजी अस्पतालों और क्लिनिकों में मरीजों की संख्या बढ़ गई. कई मरीजों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि निजी क्लिनिकों में परामर्श और जांच के नाम पर अधिक शुल्क लिया गया, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा.

भासा ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के जिला सचिव डॉ. नरेन्द्र कुमार ने कहा कि यदि चिकित्सकों की मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं तो भविष्य में आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार सहित चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि विरोध प्रदर्शन के बाद गुरुवार से ओपीडी सेवाएं पुनः सामान्य रूप से शुरू कर दी गयी हैं.

आईएमए ने चिकित्सकों की सुरक्षा की उठाई मांग

आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेम शंकर ने बताया कि चिकित्सकों की सुरक्षा के मुद्दे पर संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात की है. प्रतिनिधिमंडल ने अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. राज किशोर प्रसाद के साथ मारपीट तथा मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में चिकित्सक के साथ हुई हिंसा की घटनाओं पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में लगातार हो रही हिंसक घटनाओं से चिकित्सकों में असुरक्षा का माहौल है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के साथ अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिये.


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राजकिशोर सिंह

लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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