सारण नगर निगम की स्ट्रीट लाइट योजना फाइलों में बंद, 60% मोहल्लों में अंधेरा

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नोट: फोटो नंबर 23 सीएचपी 12 है कैप्सन होगा-खराब परा स्ट्रीट लाई  | Prabhat Khabar Network

खराब परा स्ट्रीट लाई

सारण नगर निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट की व्यवस्था बदहाल है. 60% मोहल्लों में रोशनी की कमी है, जबकि 80% प्रमुख स्थानों पर हाई मास्ट लाइट की आवश्यकता है. एक साल पहले लगी 2250 लाइटों में से आधी खराब हो चुकी हैं.

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Saran News: नगर निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट की व्यवस्था बदहाल बनी हुई है. शहर के अधिकांश मोहल्लों और चौक-चौराहों पर पर्याप्त रोशनी की सुविधा नहीं है. नगर निगम के जनप्रतिनिधियों के अनुसार निगम क्षेत्र के करीब 60 फीसदी मोहल्लों में स्ट्रीट लाइट लगाने की जरूरत है, जबकि 80 फीसदी प्रमुख स्थानों पर हाई मास्ट लाइट की आवश्यकता है.

स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट लगाने को लेकर नगर निगम की ओर से योजना तैयार की गई है, लेकिन बोर्ड की बैठक में निर्णय नहीं होने के कारण यह योजना अब तक फाइलों में बंद पड़ी है. बरसात के मौसम में अंधेरे के कारण आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है.

जनवरी में लगी 2250 स्ट्रीट लाइट में से आधी खराब

नगर निगम ने इस साल की शुरुआत में पहले चरण में 2250 एलईडी वेपर लाइट की खरीदारी की थी. प्रत्येक वार्ड के लिए 50-50 स्ट्रीट लाइट उपलब्ध कराई गई थी. लोगों को उम्मीद थी कि नए साल में शहर की गलियां और सड़कें रोशनी से जगमग होंगी.

लेकिन स्थिति इसके उलट रही. स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगने के कुछ ही समय बाद बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइट खराब हो गईं. इस योजना पर करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे.

कंपनी के साथ पांच साल का करार किया गया है. इसके तहत खराब होने वाली लाइटों का मेंटेनेंस कंपनी को करना है. इसके लिए मॉनिटरिंग व्यवस्था भी तय की गई थी, लेकिन धरातल पर इसका प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है.

शहर में जरूरत 7500 स्ट्रीट लाइट की, खरीद हुई सिर्फ 2250

छपरा शहर में करीब 7000 से 7500 स्ट्रीट लाइट की जरूरत बताई जा रही है. हालांकि नगर निगम ने फिलहाल 2250 लाइट की ही खरीदारी की थी. अधिकारियों का कहना है कि जहां अधिक जरूरत थी, वहां प्राथमिकता के आधार पर लाइट लगाई गई.

लेकिन कई जगहों पर नई लगी लाइट भी खराब होने से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.

हाई मास्ट लाइट की भी भारी कमी

शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर हाई मास्ट लाइट की कमी बनी हुई है. नगर निगम क्षेत्र में करीब 300 मिनी हाई मास्ट और 50 बड़े हाई मास्ट लाइट लगाने की जरूरत बताई गई है.

अभी शहर के अधिकतर महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से रात में आवागमन करने वालों को परेशानी होती है.

स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की स्थिति

  • नगर निगम क्षेत्र में कुल 45 वार्ड
  • शहर में करीब 4345 बिजली पोल
  • खरीदी गई एलईडी वेपर लाइट - 2250
  • प्रत्येक वार्ड को मिली 50-50 लाइट
  • योजना पर खर्च करीब 1.50 करोड़ रुपये
  • लाभ मिलने की उम्मीद करीब 3 लाख आबादी को
  • कुल जरूरत करीब 7500 स्ट्रीट लाइट की
  • 300 मिनी हाई मास्ट लाइट की आवश्यकता
  • 50 बड़े हाई मास्ट लाइट की जरूरत
  • मुख्य सड़क पर 1365 स्ट्रीट लाइट की आवश्यकता

बोर्ड की स्वीकृति के बाद शुरू होगा काम

नगर निगम के सहायक अभियंता राहुल कुमार ने बताया कि महापौर स्तर से पूरे प्रोजेक्ट को तैयार किया गया है. इसे बोर्ड में स्वीकृति के लिए रखा जाना है. बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.

दशहरा से पहले लगाने का प्रयास

छपरा नगर निगम के महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने कहा कि पूरे नगर निगम क्षेत्र में 7000 स्ट्रीट लाइट, 50 हाई मास्ट लाइट और 300 मिनी हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना तैयार है. कुछ लोग जानबूझकर इस योजना को लंबित रखना चाहते हैं. प्रयास है कि दशहरा से पहले शहर में प्रकाश व्यवस्था बेहतर कर दी जाए.


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