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झूठा एफआईआर करने का आरोप, एसपी से न्याय की मांग

Updated at : 11 Jan 2026 9:26 PM (IST)
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झूठा एफआईआर करने का आरोप, एसपी से न्याय की मांग

शहर के एक गांव में चार वर्षीय बच्ची की हत्या कर दी गयी थी

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खगड़िया. शहर के एक गांव में चार वर्षीय बच्ची की हत्या कर दी गयी थी. कुछ लोगों द्वारा बेवजह समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया था. सभागार में घुसकर तोड़फोड़ किया गया था. उक्त मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गयी. जिसमें राजनीतिक षड्यंत्र के कारण निर्दोष जनप्रतिनिधियों पर झूठा एफआईआर करने का आरोप लगाया गया है. इसके लिए एसपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी गयी है. आवेदन में लिखा गया है कि नगर परिषद के नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा, जिला परिषद सदस्य रजनीकांत कुमार, भाजपा जिला प्रवक्ता मनीष चौधरी तथा भाजपा नेता रविशंकर कुमार का नाम कांडों में जोड़े जाने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है. परिजनों का आरोप है कि कार्रवाई में व्यक्तिगत भूमिका की जांच किए बिना सामूहिक रूप से नाम जोड़ दिया गया है. जिससे कई ऐसे लोग भी एफआईआर में फंस गए जिनका घटनाओं से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं बताया जा रहा है. परिजनों ने बताया कि नगर सभापति प्रतिनिधि द्वारा संबंधित घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक संवेदनशील और संयमित अपील साझा की थी. जिसमें न तो किसी पीड़िता का नाम, फोटो या वीडियो शामिल था. न ही कोई आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी. इसके उलट, पोस्ट में पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी को सराहनीय बताया गया था. इसके बावजूद एफआईआर में नाम जोड़ दिया गया. वहीं जिला परिषद सदस्य रजनीकांत कुमार के परिजनों ने कहा कि समाहरणालय परिसर में हुए हंगामा उपद्रव के समय वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे. बल्कि अपर पुलिस अधीक्षक एवं गंगौर थाना प्रभारी के अनुरोध पर पीड़िता की माता को लेकर गंगौर थाना परिसर में उपस्थित थे. जिसकी पुष्टि थाना परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज और संबंधित पदाधिकारियों के बयान से की जा सकती है. इसके बावजूद उनका नाम चित्रगुप्त नगर थाना कांड में शामिल किया गया. भाजपा जिला प्रवक्ता मनीष चौधरी के परिजनों ने कहा कि घटना के समय वे घटनास्थल पर नहीं थे, बल्कि खगड़िया मेन रोड स्थित आर्किटेक्ट शुभम की दादी के अंतिम संस्कार में शामिल थे. बाद में अपने घर रहीमपुर पंचायत स्तर की बैठक में उपस्थित रहे. कहा कि बिना किसी ठोस साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शी या विशिष्ट भूमिका के उनका नाम भी कांड में जोड़ दिया गया. भाजपा नेता रविशंकर कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि घटना के दिन वे पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ थे. इसके बावजूद उनका नाम भी संबंधित एफआईआर में दर्ज कर दिया गया. परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोनों एफआईआर की निष्पक्ष, तथ्यपरक और व्यक्ति-आधारित जांच कराई जाय. जो लोग निर्दोष पाए जाएं, उनके नाम कांडों से हटाए जाएं, ताकि आमजन का पुलिस प्रशासन पर विश्वास बना रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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