मुंगेर रूट पर ट्रेनों के अभाव में जा रही जान
Updated at : 19 Apr 2017 3:01 AM (IST)
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सहरसा-जमालपुर व सहरसा-भागलपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन सुबह व शाम एक-एक जोड़ी देने की मांग तेज खगड़िया : मुंगेर के लिए ट्रेन की संख्या बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी है. मुंगेर-खगड़िया-बेगूसराय रेलखंड वर्त्तमान समय में महत्वपूर्ण हो गया है. रोजाना हजारों की संख्या में लोग ट्रेनों में सफर करते हैं, लेकिन सुरक्षा के ख्याल […]
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सहरसा-जमालपुर व सहरसा-भागलपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन सुबह व शाम एक-एक जोड़ी देने की मांग तेज
खगड़िया : मुंगेर के लिए ट्रेन की संख्या बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी है. मुंगेर-खगड़िया-बेगूसराय रेलखंड वर्त्तमान समय में महत्वपूर्ण हो गया है. रोजाना हजारों की संख्या में लोग ट्रेनों में सफर करते हैं, लेकिन सुरक्षा के ख्याल से यह खतरनाक साबित हो रहा है. इस मार्ग में उद्घाटन के समय से ही मात्र एक ही सवारी गाड़ी चलायी जा रही है. उसी के तीन फेरे क्रमश: एक फेरा जमालपुर से खगड़िया व दो फेरा जमालपुर से तिलरथ के बीच चलायी जा रही है. ट्रेनों में स्थानाभाव के कारण धक्का-मुक्की यात्रियों को झेलनी पड़ रही है.
सात बोगी में हजारों यात्री
वर्त्तमान समय में उक्त ट्रेन में सात बोगी लगायी जा रही है. उक्त ट्रेनों में सात बोगी होने के कारण भीड़ अधिक हो जा रही है. इस क्रम में आम आदमी का उतरने-चढ़ने के क्रम में सकल-सूरत सब बदल जाता है. रोज-बरोज धक्का-मुक्की के क्रम में सैकड़ों लोगों की यात्रा दुखदायी बन गयी है. कइयों की पॉकेट की सफाई तथा मोबाइल भी गायब हो जाता है. जिसकी प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस भी निश्चित है. ट्रेनों में भीड़ के कारण बड़ी संख्या में लोग पावदान व इंजन पर चढ़ने के लिए मजबूर हो जाते है. जिसकी वजह से लगातार ट्रेन में भीड़ के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं तथा उनको जान से भी हाथ धोना पड़ा है.
पूर्वोत्तर बिहार रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति के केंद्रीय संयोजक सुभाष चंद्र जोशी ने रेलमंत्री सुरेश प्रभु से कोसी जैसे पिछड़े इलाके के लिए लोगों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग की है. समिति के सह संयोजक अब्दुल गनी, आत्मा राम शर्मा, देश बंधु आजाद, देवनारायण पासवान ने सहरसा से भागलपुर व सहरसा से जमालपुर के बीच सुबह व शाम एक-एक जोड़ी ट्रेनें चलाने कटिहार अथवा
जोगबन्नी से जमालपुर के बीच सुबह व शाम एक-एक जोड़ी ट्रेन चलाने की मांग की है. संघर्ष समिति खगड़िया के संयोजक उमेश ठाकुर इमली स्टेशन के संयोजक दिनेश महतो ने दरभंगा से समस्तीपुर भाया रोसड़ा खगडि़या होते हुए जमालपुर के बीच फास्ट पैसेंजर ट्रेनों का संचालन करने की मांग रेल प्रशासन से की है.
2774 करोड़ से गंगा पर बना है पुल
यह पुल मुंगेर-खगड़िया-बेगूसराय को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर निर्मित हुई है. उक्त पुल जहां उत्तर व दक्षिण बिहार के लिए जीवनदायी सिद्ध हो सकता है, लेकिन ट्रेनों के अभाव में मौत का पैगाम लिये प्रतिदिन पुल पर से गुजरती है. ज्ञात हो कि धक्का-मुक्की का शिकार होकर तीन व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा.
इन लोगों की ट्रेन से गिर कर हुई मौत
10 अक्तूबर 2016: दुर्गापूजा के समय लक्खीसराय जिले के सूर्यगढ़ा निवासी बीएसएफ का जवान विजय यादव छुट्टी पर अपने ससुराल बेगूसराय आया था. वह बेगूसराय से मुंगेर आने के लिए ट्रेन पकड़ा. ट्रेन में भीड़ थी. गंगा पुल खत्म होते ही लाल दरवाजा मिर्ची तालाब के पास वह धक्का लगने पर नीचे गिर गया. इसके कारण उसकी मौत हो गयी.
13 जनवरी 2017 : खगडि़या जिले के भदास गांव निवासी सोनू महतो अपनी पत्नी के साथ मुंगेर के नौवागढ़ी कन्तपुर आया था. मकर संक्रांति पर 13 जनवरी को वह घर जाने के लिए मुंगेर स्टेशन से ट्रेन पर चढ़ा भीड़ अत्यधिक थी और जगह नहीं मिलने के कारण वह गेट पर ही रह गया. ट्रेन जैसे ही पुल के सात नंबर पीलर के पास पहुंचा कि पीछे से धक्का-मुक्की हुई तथा ट्रेन में भगदड़ मच गयी और वह ट्रेन से सीधा नीचे पुल पर गिर गया. जिससे उसकी मौत तत्क्षण हो गयी.
12 अप्रैल 2017 : मुंगेर गंगा पुल के पाया संख्या सात के समीप दियारा में एक युवक का शव बरामद हुआ जिसकी मौत ट्रेन से गिरकर हुई उसकी मौत पुल के लोहे के गाटर से अधिक चोट खाने के कारण हो गयी. जिसकी शिनाख्त नहीं हो पायी.
ट्रेनों का अभाव परिचालन में फंसा पेच
ट्रेनों की यह स्थिति दो जोन की वजह से भी है. ज्ञात हो कि पूर्व मध्य रेल के सोनपुर डिवीजन का क्षेत्र पुल के उत्तरी छोर तथा एनएफ रेल से जुड़े मालदा डिवीजन पुल के दक्षिणी भाग में है. जिसके वजह से ट्रेनों के परिचालन में कई जगह तकनीकी तो कई जगह प्रशासनिक पेंच भी ट्रेनों के परिचालन पर असर डाल रहा है. इसके कारण मामला उलझता जा रहा है.
ज्ञात हो कि जबसे पुल का निर्माण हुआ लोगों को सहूलियत ट्रेनों के माध्यम से हुई. आवागवन की पहली पंसद जनता की ट्रेन रही है, लेकिन ट्रेनों का अभाव उन्हें परेशानी में डाल देता है तथा ट्रेनों में उतरने-चढ़ने में अफरा-तफरी के कारण मौत तक हो जाती है.
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