कोसी को बांधने की कोशिश बेकार

Updated at : 17 Apr 2017 6:40 AM (IST)
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कोसी को बांधने की कोशिश बेकार

लापरवाही. आवागमन के लिए डुमरी पुल शुरू होने का बेसब्री से इंतजार जुगाड़ पर रेंगती कोसी इलाके में रहनेवाले लाखों जिंदगियां शुरू से ही उपेक्षा का शिकार रही हैं. चाहे जनप्रतिनिधि की उदासीनता हो या सरकार की बेरुखी. कोसी की गोद में बसे सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया आदि जिलों में जिंदगी दिन ब दिन बदतर ही […]

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लापरवाही. आवागमन के लिए डुमरी पुल शुरू होने का बेसब्री से इंतजार

जुगाड़ पर रेंगती कोसी इलाके में रहनेवाले लाखों जिंदगियां शुरू से ही उपेक्षा का शिकार रही हैं. चाहे जनप्रतिनिधि की उदासीनता हो या सरकार की बेरुखी. कोसी की गोद में बसे सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया आदि जिलों में जिंदगी दिन ब दिन बदतर ही होते जा रहे हैं.
बेलदौर : कहते हैं कि कोसी जब गुस्साती है तो इसे रोक पाना किसी के बूते की बात नहीं है. कोसी गुस्सायी तो तबाही, शांत हुई तो भी बरबादी का मंजर. जी हां कोसी में पानी बढ़ने पर बाढ़ का खतरा तो पानी घटने पर कटाव से जूझते लोगों की जिंदगी कोसी मैया की कृपा पर चल रही है. आज भी कोसी मैया की कृपा पर निर्भर लाखों की आबादी को तारणहार का बेसब्री से इंतजार है.
कोसी नदी पर बने बीपी मंडल सेतु को टूटे हुए बरसों बीत गये लेकिन आज भी जुगाड़ के सहारे ही लाखों जिदंगी रेंगने को मजबूर है. बता दें कि कोसी नदी पर बने डुमरी पुल के क्षतिग्रस्त होने से सहरसा, खगड़िया आदि जिलों की लाखों की आबादी के आवागमन पर संकट उत्पन्न हो गया है.
दर्द एक जगह हो तब ना बतायें :
कभी कोसी की मार तो कभी नाविकों की आर्थिक तंगहाली के कारण जुगाड़ पुल पर आवागमन पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. अनहोनी की आशंका के बीच 50 लाख में घाट का बंदोबस्त लेने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है. जानकारी के अनुसार पहली बार घाट का बंदोबस्त लेकर जुगाड़ पुल बनाने वाले संचालक को यह सौदा काफी महंगा साबित हो रहा है. एक माह से अधिक का समय गुजर चुका है. बंदोबस्ती के अनुसार अब लगभग डेढ़ माह का समय शेष रह गया है. नाविक आकुब अली एवं मनोज सहनी ने बताया कि इस बार संभावित बाढ़ की अवधि तक जुगाड़ पुल का संचालन हो पाना संभव नहीं दिख रहा है.
जुगाड़ पुल के उत्तरी छोर पर कटाव का खतरा
जुगाड़ पुल के उत्तरी छोर पर कोसी नदी का कटाव जारी है. हालांकि कटाव कर रफ्तार धीमा रहना राहत वाली बात है लेकिन यह सब कोसी मैया की कृपा पर निर्भर करता है. कटाव बढ़ा तो एक बार फिर जुगाड़ पुल पर आवागमन ठप हो सकता है. कटाव के कारण यू टर्न में तब्दील घाट संभावित खतरे को दस्तक दे रही है.
हाल की घटनाओं पर एक नजर
छह जनवरी : जुगाड़ पुल का एक हिस्सा बहा, कटावनिरोधी सहित युद्धस्तर पर मरम्मत कर जुगाड़ पुल किया चालू
12 जनवरी : कोसी के कटाव के कारण आवागमन बाधित
15 जनवरी : जुगाड़ पुल पर फिर मंडराया कोसी के कटाव का खतरा, मरम्मत कर आवागमन चालू
19 जनवरी : एक बार फिर बड़े वाहन के फंसने के कारण जुगाड़ पुल पर आवागमन रहा बाधित
30 जनवरी : कटाव के कारण एक बार फिर जुगाड़ पुल पर आवागमन हुआ ठप
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