अधिकारियों ने उलझायी फर्जी नियोजित शिक्षकों की जांच

Updated at : 23 Mar 2017 1:32 AM (IST)
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अधिकारियों ने उलझायी फर्जी नियोजित शिक्षकों की जांच

खगड़िया : डीइओ के आदेश पर अमल करना परबत्ता के प्रभारी बीइओ मुनासिब नहीं समझते हैं. तभी तो रिमांइडर के बाद भी फर्जी हस्ताक्षर के सहारे वेतन निकासी करने वाले चारों शिक्षकों पर अबतक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पायी है. डीइओ कह रहे हैं कि बीइओ को कई बार प्राथमिकी कराने का आदेश देने के […]

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खगड़िया : डीइओ के आदेश पर अमल करना परबत्ता के प्रभारी बीइओ मुनासिब नहीं समझते हैं. तभी तो रिमांइडर के बाद भी फर्जी हस्ताक्षर के सहारे वेतन निकासी करने वाले चारों शिक्षकों पर अबतक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पायी है. डीइओ कह रहे हैं कि बीइओ को कई बार प्राथमिकी कराने का आदेश देने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं करना अनुशासनहीनता का मामला है. वहीं परबत्ता के प्रभारी बीइओ हरेन्द्र रजक कह रहे हैं कि वह 15 मार्च को परबत्ता थाना में प्राथमिकी के आवेदन दे दिये हैं,

लेकिन पुलिस ने अबतक प्राथमिकी दर्ज नहीं किया है, तो वह क्या कर सकते हैं. परबत्ता थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार कहते हैं कि मड़ैया ओपी अन्तर्गत मामला आने के कारण आवेदन वहां देना पड़ेगा. तभी प्राथमिकी दर्ज हो सकती है. प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के पीछे तरह-तरह की बहानेबाजी का खेल बीते कई महीनों से चल रहा है.

क्या है पूरा मामला : डीइओ सुरेश साहू द्वारा परबत्ता के बीइओ को भेजे गये रिमांइडर में कहा गया है कि प्राथमिक विद्यालय शर्मा टोला तेहाय, परबत्ता की शिक्षिका रेखा कुमारी, शिक्षक रणवीर कुमार, प्राथमिक विद्यालय नयाटोला कोलवारा की शिक्षिका कुमारी रंजना, प्राथमिक विद्यालय तेहाय पूर्वी, परबत्ता की शिक्षिका अर्चना कुमारी के टीइटी प्रमाण पत्र संदिग्ध होने के कारण वेतन पर रोक लगाया गया था, लेकिन उक्त शिक्षक- शिक्षिकाएं द्वारा अपने प्रमाण पत्रों की सत्यता के संबंध में किसी प्रकार का आवेदन डीपीओ स्थापना कार्यालय में समर्पित नहीं किया गया. बल्कि उक्त चारों शिक्षक- शिक्षिकाओं द्वारा फर्जी ढंग से परबत्ता बीइओ व डीपीओ स्थापना के कार्यालय लिपिक का एडवाइस पर फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन कर लिया गया. पत्र में कहा है कि फर्जी वेतन निकासी के मामले के खुलासा बाद उपरोक्त चारों शिक्षकों पर प्राथमिकी के आदेश के बाद भी परबत्ता बीइओ द्वारा अबतक कार्रवाई नहीं किया गया है. डीइओ ने पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ ब्रज किशोर सिंह द्वारा जारी आदेश को रद्द करते हुए चारों शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थिति बनाने से रोकते हुए प्राथमिकी दर्ज कर बीइओ को सूचित करने का निर्देश दिया है.
परबत्ता में कार्यरत चार शिक्षकों के टीइटी प्रमाण पत्र फर्जी होने की आशंका को देखते हुए सार्टिफिकेट सत्यापित होने तक वेतन भुगतान पर रोक के बावजूद फर्जी एडवाइस व बीइओ व कार्यालय लिपिक के फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर 3, 20, 692 रुपये वेतन के रूप निकासी मामले में परबत्ता बीइओ को फिर से रिमांइडर भेज कर चारों शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है. आवेदन देने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज करने में पुलिस आनाकानी कर रही है.
सुरेश प्रसाद साहु , डीइओ.
15 मार्च को आरोपी चारों शिक्षकों पर प्राथमिकी के लिए परबत्ता थाना में आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पायी है. उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गयी है.
हरेन्द्र रजक, प्रभारी बीइओ परबत्ता.
मड़ैया ओपी अंतर्गत घटनास्थल आता है. इसलिये आवेदन वहां ही देना पड़ेगा. परबत्ता थाना में आवेदन देने से काम नहीं चलने वाला है. यही कारण है कि अबतक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पायी है.
प्रमोद कुमार, परबत्ता थानाध्यक्ष.
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