डीएम ने तीन दिनों में मांगा जवाब

Updated at : 24 Feb 2017 8:41 AM (IST)
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डीएम ने तीन दिनों में मांगा जवाब

कार्रवाई. कई मामलों को लेकर मानसी के पूर्व बीडीओ पर विभाग सख्त कुरसी छीने जाने के बाद भी मानसी के पूर्व बीडीओ की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं. जिलाधिकारी ने 13 बिंदुओं पर पूर्व बीडीओ मनोज कुमार अग्रवाल से स्पष्टीकरण तलब करते हुए शिकंजा कसने के संकेत दिये हैं. इधर, पूर्व बीडीओ ने सारे आरोपों […]

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कार्रवाई. कई मामलों को लेकर मानसी के पूर्व बीडीओ पर विभाग सख्त
कुरसी छीने जाने के बाद भी मानसी के पूर्व बीडीओ की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं. जिलाधिकारी ने 13 बिंदुओं पर पूर्व बीडीओ मनोज कुमार अग्रवाल से स्पष्टीकरण तलब करते हुए शिकंजा कसने के संकेत दिये हैं. इधर, पूर्व बीडीओ ने सारे आरोपों को सिरे से नकार दिया है.
खगड़िया : मानसी के पूर्व बीडीओ पर कार्रवाई होने की पूरी संभावना है. डीएम ने पूर्व बीडीओ मनोज कुमार अग्रवाल से 13 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण तलब करते हुए तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है.
सूत्रों की मानें तो प्रशासन के पास कई आॅडियो व वीडियो क्लिप सहित अन्य सबूत मौजूद रहने की जानकारी मिल रही है. जिसके आधार पर मानसी के पूर्व बीडीओ पर शिकंजा कसा जाना तय है. बता दें कि मानसी के पूर्व बीडीओ श्री अग्रवाल के क्रियाकलापों को सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रतिकूल माना गया है. साथ ही उनके कृत्य को आपराधिक श्रेणी में रखा गया है. ऐसे में अगर पूर्व बीडीओ श्री अग्रवाल का जवाब असंतोषजनक रहता है तो ग्रामीण विकास विभाग को उनपर कार्रवाई के पत्र भेजा जायेगा. इतना ही नहीं मानसी के पूर्व बीडीओ के कॉल डिटेल के अनुसार जनवरी महीने में 18 दिन मुख्यालय से रात्रि/अल्प अवधि के लिये मुख्यालय से गायब रहने का खुलासा हुआ है.
इस दौरान उनके मोबाइल का लोकेशन बेगूसराय का बताया जा रहा है. इतना ही नहीं पूर्व बीडीओ को कई आरोपों के फंदे में जकड़ दिया गया है. जिससे बाहर निकलने में मानसी के पूर्व बीडीओ के पसीने छूट सकते हैं.
पूर्व बीडीओ के मोबाइल कॉल डिटेल से खुला राज : मानसी बीडीओ प्रकरण गरमाने के बाद उनके मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल निकलवाया गया. जिसके आधार पर यह ज्ञात हुआ कि वह कई बार बिना अवकाश के ही गायब पाये गये. मोबाइल लोकेशन के अनुसार जनवरी महीने में कुल 18 दिन कभी अल्प अवधि तो कभी पूरी रात के लिये पूर्व बीडीओ के मुख्यालय से बाहर बेगूसराय में रहने का खुलासा हुआ है.इतना ही नहीं डीएम द्वारा सरकारी मोबाइल पर फोन करने पर पूर्व बीडीओ द्वारा मोबाइल रिसीव नहीं किया गया.
डीएम-एसपी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप : डीएम-एसपी, डीडीसी, एसडीओ, डीआरडीए निदेशक के विरुद्ध मीडिया में अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए बीडीओ ने बयान दिया था. इस संबंध में कोई साक्ष्य या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया. जिससे की आरोप की पुष्टि हो सके. इस संबंध में पूर्व बीडीओ से प्रमाण मांगे गये हैं वरना यह समझा जायेगा कि पूर्व बीडीओ ने जानबूझ कर उच्चाधिकारियों पर तथ्यहीन आरोप लगाये हैं.
बता दें कि पूर्व बीडीओ ने नौ फरवरी को मानसी थाना में आवेदन देकर हत्या किये जाने की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाया है.
प्रखंड प्रमुख की पार्टी में बीडीओ ने की थी कई राउंड फायरिंग : मानसी प्रखंड प्रमुख की पत्नी के जन्मदिन की पार्टी में पूर्व बीडीओ मनोज कुमार अग्रवाल ने करीब 50 राउंड फायरिंग की थी. पूछताछ के दौरान पूर्व बीडीओ ने यह स्वीकार किया गया है कि प्रखंड प्रमुख के कहने पर समारोह के दौरान कई राउंड फायरिंग की गयी.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट पूछा है कि किसी भी सरकारी सेवक के लिये यह अत्यंत की प्रतिकूल है.साथ ही यह आपराधिक कृत्य भी है. इतना ही नहीं प्रखंड प्रमुख के साथ जिस गाने पर पूर्व बीडीओ पार्टी में थिरक रहे थे उसे मद्य निषेद्य नीति के प्रतिकूल मानते हुए कहा गया है कि वीडियो क्लिप को देखने से प्रतीत होता है कि पूर्व बीडीओ मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा मद्यपान को महिमामंडित किया जा रहा है. ऐसे में पूर्व बीडीओ को यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि सरकारी कर्मी के रूप में इस तरह की आपत्तिजनक हरकत क्यों की गयी?
19 जनवरी को मानव शृंखला की तैयारी को लेकर उच्चाधिकारियों के भ्रमण के दौरान बीडीओ के अनुपस्थित रहने पर डीएम कार्यालय से उनके सरकारी मोबाइल पर कॉल किया गया. कॉल रिसीव नहीं कर बीडीओ ने किसी दूसरे व्यक्ति के माध्यम से तबीयत खराब होने की बात कहलवा दिया गया, जबकि इस बाबत पूछे गये स्पष्टीकरण में पूर्व बीडीओ ने आवाज नहीं निकलने के कारण कॉल रिसीव नहीं करने की बात कही. 22 जनवरी को एक कार्यक्रम में पूर्व बीडीओ श्री अग्रवाल थिरक रहे थे.
उनके नाचने के वीडियो के आधार पर यह माना गया कि उनकी तबीयत खराब नहीं थी. इतना ही नहीं, कॉल डिटेल के आधार पर पूर्व बीडीओ अग्रवाल के 19 जनवरी को बेगूसराय स्थित पैतृक घर में रहने तथा इस दौरान सरकारी मोबाइल लगातार कार्यरत रहने का खुलासा हुआ. साथ ही रात के 10 : 30 बजे तक विभिन्न नंबरों पर बात भी की गयी जबकि कई कॉल भी आये हैं.
मैं कोई आतंकवादी नहीं जो मेरा कॉल डिटेल से लेकर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. साजिश के तहत मुझे फंसाने की पूरी तैयारी की गयी है. मुझ पर लगाये जा रहे सारे आरोप बेबुनियाद हैं. एक स्पष्टीकरण में कहा गया कि बिना पितृत्व अवकाश स्वीकृत किये ही मुख्यालय छोड़ दिया गया जबकि अगले बिंदु में अवकाश में रहते हुए काम निबटाने को लेकर स्पष्टीकरण पूछा गया है. ये कैसा न्याय है.
मनोज कुमार अग्रवाल, पूर्व बीडीओ मानसी.
पूर्व बीडीओ मनोज कुमार अग्रवाल के क्रियाकलापों बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली का गंभीर उल्लंघन है. साथ ही कई कार्य भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आते हैं. कई ऑडियो-वीडियो सहित अन्य सबूत पूर्व बीडीओ के मनमाने रवैये को दर्शाता है. जवाब असंतोषजनक रहने पर कार्रवाई के लिये ग्रामीण विकास विभाग में पत्र भेज कर पूर्व बीडीओ पर कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी.
जय सिंह, डीएम.
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