घोटाले की जांच नहीं बाढ़ राहत. एक वर्ष पूर्व गठित हुई थी टीम

Updated at : 22 Feb 2017 5:51 AM (IST)
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घोटाले की जांच नहीं बाढ़ राहत. एक वर्ष पूर्व गठित हुई थी टीम

वर्ष 2013 में गंगा व गंडक नदी के जल स्तर में हुई वृद्धि के कारण सदर प्रखंड के तीन पंचायतों में बाढ़ आ गया था. इससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए थे. आरोप है कि बाढ़ प्रभावितों के लिए आवंटित राशि व अन्य सामग्री का बंदरबांट किया गया है. खगड़िया : बाढ़ राहत घोटाले की जांच […]

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वर्ष 2013 में गंगा व गंडक नदी के जल स्तर में हुई वृद्धि के कारण सदर प्रखंड के तीन पंचायतों में बाढ़ आ गया था. इससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए थे. आरोप है कि बाढ़ प्रभावितों के लिए आवंटित राशि व अन्य सामग्री का बंदरबांट किया गया है.

खगड़िया : बाढ़ राहत घोटाले की जांच तीन वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो पाई है. जिससे अब कई सवाल उठने लगे हैं. वर्ष 2013 में गंगा व गंडक नदी के जलस्तर में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के कारण सदर प्रखंड के तीन पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था. जिससे सैंकड़ों परिवार बाढ़ के कारण प्रभावित हुए थे. लोगों को बाढ़ शरणस्थली में कई दिनों तक रुकना पड़ा था. इस बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए परिवारों को नकद राशि सहित अन्य सहायता मुहैया कराई गई.
आरोप है कि बाढ़ प्रभावितों के लिए आवंटित राशि व अन्य सामग्री का बंदरबांट किया गया. वितरण में काफी अनियमितता बरती गई. इन आरोपों को थोड़ा अधिक बल इसलिए मिला, क्योंकि उक्त अवधि के दौरान वितरण किये गए राशि का अबतक अंचल स्तर से जिलास्तर पर उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं भेजा गया है. बाढ़ राहत वितरण में अनियमितता के लिए एक दो सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया गया था. हैरानी की बात तो यह है कि इतने महत्वपूर्ण तथा सरकारी राशि के दुरुपयोग के मामले की जांच अबतक पूरी नहीं हो पायी है.
अबतक नहीं सौंपी गयी जांच रिपोर्ट
बाढ़ राहत घोटाले की जांच के लिए डीएम ने 14 माह पूर्व ही दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था. सूत्र बताते हैं कि जिला आपदा शाखा से 31 दिसम्बर 2015 को ही जांच के लिए आदेश जारी किये गए थे. सदर डीसीएलआर एवं जिला भू अर्जन पदाधिकारी को इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेवारी सौंपी गई थी. लेकिन अबतक जांच पदाधिकारी के द्वारा जांच रिपोर्ट समर्पित नहीं किया गया है. जिस कारण इस रहस्य पर से पर्दा नहीं हट पाया है कि वास्तव में बाढ़ राहत वितरण में कोई गड़बड़ी हुई थी अथवा नहीं.
30 मार्च तक रिपोर्ट तलब
बीते 14 माह से ठंडे बस्ते में पड़े इस मामले में हालांकि आदेश जारी किये गए हैं. जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में जांच में हो रहे विलम्ब को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी. डीपीजीआरओ विजय कुमार सिंह के द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में जिला आपदा शाखा प्रभारी प्रियंका कुमारी ने बताया कि जांच टीम के द्वारा रिपोर्ट नहीं दी गई है. इन्हें रिपोर्ट के लिए पुन: स्मारित किया गया है. चूंकि समय सीमा समाप्त होने की वजह से इस मामले को तो समाप्त कर दिया गया. लेकिन सुनवाई अधिकारी ने आपदा प्रभारी पदाधिकारी को रिपोर्ट प्राप्त कर 30 मार्च तक इस मामले में पूरी कार्रवाई करने सहित इसकी जानकारी उन्हें देने का आदेश जारी किया है.
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