जुलाई में नाव से मिलेगा छुटकारा
Updated at : 29 Jan 2017 4:05 AM (IST)
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राहत . डुमरी पुल के मरम्मत कार्य में आयी तेजी डुमरी पुल का मरम्मत कार्य अब लोगों को दिखने लगा है. इस बार बाढ़ के दौरान लोगों को नाव के सहारे नदी पार करने के झंझटों से मुक्ति मिल सकती है. खगड़िया/बेलदौर : कोसी इलाके की लाइफ लाइन डुमरी पुल का मरम्मत कार्य अब लोगों […]
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राहत . डुमरी पुल के मरम्मत कार्य में आयी तेजी
डुमरी पुल का मरम्मत कार्य अब लोगों को दिखने लगा है. इस बार बाढ़ के दौरान लोगों को नाव के सहारे नदी पार करने के झंझटों से मुक्ति मिल सकती है.
खगड़िया/बेलदौर : कोसी इलाके की लाइफ लाइन डुमरी पुल का मरम्मत कार्य अब लोगों को दिखने लगा है. पुल का लगातार चल रहा मरम्मत कार्य से लोगों में उम्मीद की आस जगी है कि इस बार बाढ़ के दौरान लोगों को नाव के सहारे नदी पार करने के झंझटों से मुक्ति मिल सकती है. लेकिन जुलाई माह तक मरम्मत कार्य पूरा हो पाने में संशय की स्थिति बनी हुई है. जबकि बेल फाउंडेशन का कार्य पूर्ण कर एनपी वन पाया का पीयर पाइलिंग कार्य बीते एक सप्ताह से जारी है. इसके दो मीटर का कंक्रीट कार्य भी पूरा हो चुका है. जबकि शुक्रवार को इसके ऊपर सवा दो मीटर भाग को भी कंक्रीट करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी.
लगभग चार मीटर तक पीयर के कंक्रीट कार्य पूरा कर साढ़े छह मीटर का पीयर केप बनाया जायेगा. इसके बाद तीसरे चरण का रूफिंग प्रारंभ कर देने की संभावना है. रूफिंग के तहत पुल के क्षतिग्रस्त 290 मीटर भाग में सेगमेंट का निर्माण कर इसे केबल से जोडकर पुल को दुरुस्त कर दिया जायेगा. जबकि एनपी दाे पाये के निर्माण के लिए बेल फाउंडेशन का कार्य भी पूरा हो चुका है. कार्य स्थल पर प्रतिनियुक्त सेफ्टी अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि एनपी दो के सिंकिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. चार मीटर के करीब सिंकिंग किया जायेगा. सामान्य स्थिति में प्रतिदिन आधा मीटर सिंकिंग होता है. इसके बाद लगभग तीन मीटर मोटा बोटम प्लक कर बेल केप का कार्य प्रारंभ किया जायेगा.
कहते हैं प्रोजेक्ट मैनेजर
कार्य एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके रंजन ने बताया कि जुलाई माह तक पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों के बीच रूफिंग का कार्य पूरा कर लिया जायेगा. स्थिति सामान्य रही तो जुलाई माह के अंत तक लोग पांव पैदल पुल से आवागमन कर सकेंगे. मरम्मत कार्य को ससमय पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कर्मी दिन रात कार्य में जुटे हुए हैं. कोसी का कटाव एवं एनपी दो के बेल फाउंडेशन में भुगर्भ में पत्थरों का मिलना काफी अवरोध उत्पन्न किया, लेकिन काफी जद्दोजहद के बाद दोनों पाये का बेल फाउंडेशन कार्य पूरा कर लिया गया है. ऊपर के कार्य में काफी प्रगति है. उल्लेखनीय है कि बीते 29 अगस्त 2010 को बीपी मंडल के पाया संख्या 17, 18 एवं 19 के धंसने से पुल क्षतिग्रस्त हो गया. इसके बाद कोसी का यह इलाका जिला मुख्यालय से पुरी तरह कट गया.
50 करोड़ की लागत से बनना था पुल
बीते पांच वर्षों से लोग वैकल्पिक मार्ग पूर्व में स्टील पुल, अब जुगाड़ पुल एवं कोसी में उफान आने के बाद नाव की सवारी कर नदी पार कर रहे है. हंगामे व आंदोलन के बाद नवंबर 2014 को लगभग 50 करोड़ की लागत से पुल के मरम्मत कार्य करने के लिए एसपी सिंगला कंपनी को स्वीकृति दी गयी. मरम्मत कार्य पूरा करने के लिए 18 माह का समय निर्धारित किया गया था लेकिन कोसी के बदले मिजाज ने कार्य एजेंसी को भी समय पर कार्य पूरा करने में कई बाधाएं उत्पन्न की. जिसके कारण दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लोग नाव की सवारी करने को ही विवश हैं.
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