चेक व उधार पर ही बैंड, बाजा और बराती

Published at :16 Nov 2016 1:46 AM (IST)
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चेक व उधार पर ही बैंड, बाजा और बराती

और समधी जी थमा गये पांच-पांच सौ की गड्डी खगड़िया : विवाह वाले घर परिवारों पर नोट बंदी का खासा असर देखने को मिल रहा हैं. लग्न शुरू होते ही वर एवं कन्या को देखने और छेकने की रस्म अदायगी की जाती है. अचानक नोट बंदी के बाद कई परिवार के लोग इस रस्म का […]

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और समधी जी थमा गये पांच-पांच सौ की गड्डी

खगड़िया : विवाह वाले घर परिवारों पर नोट बंदी का खासा असर देखने को मिल रहा हैं. लग्न शुरू होते ही वर एवं कन्या को देखने और छेकने की रस्म अदायगी की जाती है. अचानक नोट बंदी के बाद कई परिवार के लोग इस रस्म का डेट आगे बढ़ा देने में ही भलाई समझ रहे हैं. जिन परिवार में शादी विवाह की रस्म अदायगी हो रही है वहां भी केवल औपचारिकता मात्र ही पूरी की जा रही है. खास कर मिलने-जुलने जैसे रस्म पर इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल रहा है.
हालांकि कारोबारी भी भाइचारें का रस्म निभाते उधार देने की कवायद में लग गये है. शादी विवाह के मौसम में ज्वेलर्स, गारमेंट, केटरर, टूर एंड ट्रेवल्स वाले चेक से काम चलाने की बात कह रहे है. लेकिन दर्जी, ब्यूटी पार्लर, हलवाई, टैंट, डीजे, किराना दुकानदार रुपया नहीं होने का रोना रो रहे है. उनका कहना है कि हम पूराना नोट लेने में असमर्थ है. कई कारोबारियों ने बताया कि एडवांस लेकर फंस गये है अब उधार में भी काम करना होगा. हालांकि दुकानदार भी बेटी की शादी में उधार देने का मूड बना चुके हैं.
लगा रहे बैंक का चक्कर : जिले के एक मोहल्ले में एक परिवार में इस अवसर पर लड़का पक्ष के समधी को लड़की पक्ष वाले ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों की गड्डी थमा कर यह कह दिया कि एक ही जगह दे-दे रहे हैं, समझ लीजिएगा. इसके बाद पैसा थामने वाले समधी जी कुछ कहने के लिए रोकते रह गये, पर वे ऐसे भागे जैसे कोई बड़ी जंग जीत लिया हो. उपहार स्वरूप नोट की गड्डी थामने वाले समधी जी इसे जमा कर भुनाने के लिए बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं.
उधर ग्रामीण क्षेत्र में भी नोट बंदी का असर खूब दिख रहा है. कुछ ग्रामीणों ने बताया कि नोट बंदी से उनलोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. घर में जो राशन था वह खत्म हो चला है और अब दुकानदार भी उधार देने से इनकार कर रहे हैं. किसी तरह भोजन का जुगाड़ कर जीवन व्यतीत हो रहा है. अगर स्थिति यही रही और बैंक से पैसे नहीं मिले तो लोगों के समक्ष जल्द ही भुखमरी आ जायेगी.
बड़े नोट जमा करवाने पर बैंकों में देना होगा जवाब :
टेंट और लाइटिंग के कारोबारियों ने बताया कि बड़े नोट ले तो लें, मगर बैंक में जमा कराएंगे तो सवालों का जवाब देना पड़ेगा. इस मुश्किल से अच्छा होगा कि बड़े नोटों को मना ही कर दें. हालांकि पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि इससे आतंकवाद और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी.
बड़े नोटों पर बैन ने शादियों का मुहूर्त बिगाड़ा
कालाधन के खिलाफ जंग के लिए केंद्र सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट को चलन से बाहर कर दिए जाने का उल्टा असर शादियों पर देखने को मिला है. शादी-विवाह के आयोजन में लगे परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ-साफ दिख रही हैं. आगामी 24 नवंबर को बड़े पैमाने पर शादी समारोहों का आयोजन होनेवाला है. टेंट-शामियाने वालों ने 500 या 1000 रुपए के नोट को लेने में हाथ खड़े कर दिए हैं. ऐसे में लड़की वालों को कुछ समझ में नहीं आ रहा.
कैटरिंग वालों का भी यही हाल है. कारोबारियों का कहना है कि इस फैसले से काम पर असर पड़ेगा. शहर के एक व्यक्ति ने बताया की बेटी की शादी 24 नवंबर को होनेवाली है. लिहाजा खर्चे और शगुन में लेनदेन के लिए 500 और 1000 रुपये के नोटों का पहले से ही इंतजाम कर रखा था. अब उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि बाजार में नोट नहीं चलेंगे तो वह क्या करें.
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