इलाज के लिए भटकते रहे मरीज

Published at :15 May 2016 6:03 AM (IST)
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इलाज के लिए भटकते रहे मरीज

विरोध. चिकित्सक की िगरफ्तारी के िवरोध में सभी िनजी क्लिनिक रहे बंद चिकित्सक की गिरफ्तारी के विरोध में निजी क्लिनिक बंद होने के कारण मरीज शहर के विभिन्न निजी क्लिनिकों में इलाज के लिए खाक छानते रहे, वहीं, कई मरीज बंद पड़े निजी क्लिनिक के आगे बैठ कर चिकित्सक का इंतजार करते रहे. खगड़िया : […]

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विरोध. चिकित्सक की िगरफ्तारी के िवरोध में सभी िनजी क्लिनिक रहे बंद

चिकित्सक की गिरफ्तारी के विरोध में निजी क्लिनिक बंद होने के कारण मरीज शहर के विभिन्न निजी क्लिनिकों में इलाज के लिए खाक छानते रहे, वहीं, कई मरीज बंद पड़े निजी क्लिनिक के आगे बैठ कर चिकित्सक का इंतजार करते रहे.
खगड़िया : जमुई के चिकित्सक डाॅ निभा सिन्हा को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने के विरोध में शनिवार को जिले के सभी निजी क्लिनिक बंद रहे. जिसके कारण इलाज के लिए मरीज इधर उधर भटकते रहे.
मरीज हुए परेशान
चिकित्सक की गिरफ्तारी के विरोध में निजी क्लिनिक बंद होने के कारण मरीज शहर के विभिन्न निजी क्लिनिकों में इलाज के लिए खाक छानते रहे. वहीं, कई मरीज बंद पड़े निजी क्लिनिक के आगे बैठकर चिकित्सक का इंतजार करते रहे.
अल्ट्रासाउंड भी बंद
शहर के विभिन्न अल्ट्रासाउंड सेंटर के बंद रहने कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. विभिन्न कारणों से जांच कराने आए मरीजों को बिना जांच के ही घर वापस लौटना पड़ा. इधर, शहर के विभिन्न रोड में अवस्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद रहे.
सदर अस्पताल में मरीजों की उमड़ी भीड़ :
निजी क्लिनिक के बंद रहने के कारण सदर अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग गयी. ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को अचानक उमड़ी मरीजों की भीड़ देख अन्य चिकित्सक को भी बुलाना पड़ा. दिनभर महिला व पुरुष मरीजों की लंबी कतार सदर अस्पताल के विभिन्न काउंटरों पर देखी गयी. इधर, मरीजों की उमड़ी भीड़ को देखकर अस्पताल प्रबंधक शशिकांत ने दवा वितरण के लिए दो काउंटर की जगह तीन काउंटर तथा रोगी पर्चा के एक काउंटर की जगह दो काउंटर की व्यवस्था की.
िबना इलाज कराये ही लौटे मरीज
ग्रामीण इलाके से आये मरीज बिना इलाज कराये ही बैरंग ही घर लौटते देखे गये. बंद निजी क्लिनिक से परेशान मरीज इंद्रदेव सिंह, कल्पना देवी आदि ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि ऐसी विकट परिस्थिति में जिला प्रशासन को कम से कम एक दो क्लिनिक को खुला रखा जाना चाहिए था. जिससे गंभीर बीमारी के मरीजों को देखा जा सके.
इलाज के लिए घंटों बैठे रहे मरीज
अलौली निवासी सुबोध राम व उनकी पत्नी अपने एक बच्चा गौरव का इलाज कराने आये मील रोड स्थित निजी क्लिनिक में घंटों चिकित्सक का इंतजार करते देखे गये. उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चे का इलाज कराने आये थे, परंतु चिकित्सक के नहीं होने के कारण उन्हें बिना इलाज कराये बैरंग घर वापस जाना पड़ रहा है. इधर, मानसी की कल्पना देवी अपनी बच्ची का इलाज कराने आयी थी लेकिन क्लिनिक के बंद होने के कारण वापस घर लौट गयी.
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