खटारा जीप गश्ती के दौरान कभी-कभी रास्ते में ही हो जाती है बंद

Published at :14 Jan 2016 5:38 AM (IST)
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खटारा जीप गश्ती के दौरान कभी-कभी रास्ते में ही हो जाती है बंद

कैसे होगी नक्सली क्षेत्र में गश्ती जर्जर भवन में चलता है थाना कार्यलय एवं पुलिस बैरेक पसराहा : परबत्ता थाना का क्षेत्र बड़ा होने के कारण एक दशक पूर्व ही अगुवानी महेशखूंट मुख्य मार्ग के समीप पीपड़ा लतीफ पंचायत भवन में सहायक थाना मड़ैया की स्थापना की गयी. जहां के प्रथम थानाध्यक्ष मो जावीर अली […]

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कैसे होगी नक्सली क्षेत्र में गश्ती

जर्जर भवन में चलता है थाना कार्यलय एवं पुलिस बैरेक
पसराहा : परबत्ता थाना का क्षेत्र बड़ा होने के कारण एक दशक पूर्व ही अगुवानी महेशखूंट मुख्य मार्ग के समीप पीपड़ा लतीफ पंचायत भवन में सहायक थाना मड़ैया की स्थापना की गयी. जहां के प्रथम थानाध्यक्ष मो जावीर अली खां बने थे.
अपराध नियंत्रण करने के उद्देश्य से बनाया गया मड़ैया थाना संसाधन के अभाव से जूझ रहा है. जबकि मड़ैया थाना का क्षेत्र नक्सल प्रभावित होने के कारण थाना को अत्याधुनिक हथियार से लैस एवं तेज गति से चलने वाले वाहन देने की बातें कही गयी
थी. जबकि स्थिति यह है कि
थाना में पुरानी जीप जिसे धक्का मार के चालू किया जाता है. उसी के सहारे पुलिस कर्मी क्षेत्र में गश्ती करते हैं. यहां तक की गश्ती के दौरान जीप कभी कभी रास्ते में बंद भी हो जाती है. उल्लेखनीय है कि उक्त थाना क्षेत्र का कवेला पंचायत के बलहा गांव स्थित बाबा बसी स्थान एवं कोलवारा गांव अतिसंवेदनसील एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है. जहां शांति बनाये रखना पुलिस के लिए चुनौती बनी रहती है. लेकिन मड़ैया थाना के जर्जर पुलिस वाहन से अपराध पर नियंत्रण पाना मुश्किल प्रतीत हो रहा है.
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