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1611 वादों का हुआ निष्पादन

Updated at : 13 Sep 2025 10:30 PM (IST)
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1611 वादों का हुआ निष्पादन

खगड़िया व गोगरी सिविल कोर्ट में लगाया गया राष्ट्रीय लोक अदालत

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-3 करोड़ 11 लाख 86 हज़ार 971 रुपये का हुआ समझौता

– खगड़िया व गोगरी सिविल कोर्ट में लगाया गया राष्ट्रीय लोक अदालत

खगड़िया. शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. सिविल कोर्ट खगड़िया व अनुमंडलीय सिविल कोर्ट गोगरी में किया गया. जिसमें सभी प्रकार के सुलहनीय वादों का निष्पादन किया गया. खगड़िया सिविल कोर्ट में प्रधान जिला जज सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजेश कुमार बच्चन, प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार द्विवेदी, जिला एवं अपर न्यायाधीश प्रथम संजय कुमार, स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष रजनीश कुमार श्रीवास्तव व चंदन कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रदेव प्रसाद यादव द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के नोडल पदाधिकारी सह सीनियर डिप्टी कलेक्टर विकास कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विमल कुमार सिंह, डीएसपी मुख्यालय प्रवीण कुमार मिश्रा, सभी न्यायिक पदाधिकारी, विभिन्न बैंक के शाखा प्रबंधक तथा अधिवक्ता और कोर्ट के कर्मी आदि उपस्थित थे. विभिन्न वादों के निष्पादन के लिए इस बार लोक अदालत में कुल 14 बेंच का गठन किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कई बार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा मामलों के निष्पादन के लिए गठित पीठ का निरीक्षण किया गया. पक्षकारों से बातचीत कर उनके मामलों का निष्पादन संबंधित बेंच में कराया गया. प्रधान जिला जज द्वारा सभी पीठासीन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जो भी पक्षकार आए हैं, उनके वाद का निष्पादन करके ही उन्हें वापस भेंजे. इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा 83 वर्षीय दंपती के बीच समझौता कराकर न्यायालय से विदा किया गया. उक्त वाद पत्नी द्वारा भरण पोषण के लिए न्यायालय में दायर किया गया था. राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत सिविल कोर्ट खगड़िया एवं गोगरी में कुल 1611 वादों का निष्पादन किया गया. पक्षकारों के बीच कुल 3 करोड़ 11 लाख 86 हजार 971 रुपये का समझौता हुआ. जिसमें कोर्ट में लंबित वाद कुल 717, बैंक ऋण वाद 858 एवं बीएसएनल से संबंधित 36 वाद का निष्पादन किया गया. मुकदमें के पक्षकारों की सहायता के लिए इस बार भी चार हेल्प डेस्क बनाए गए थे. जो लोगों के लिए बहुत उपयोगी और मददगार साबित हुए. डालसा के सचिव श्री चंदन कुमार ने लोक अदालत की सफलता के लिए सभी न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, बैंक कर्मी, पीएलवी, अधिवक्ता तथा दूर दूर से आए सभी पक्षकारों को धन्यवाद दिए. उनके प्रति आभार प्रकट किया और यह उम्मीद जताई है कि अगले लोक अदालत में इससे ज्यादा मामलों का निष्पादन किया जायेगा.

अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय गोगरी में मामले का किया गया निष्पादन

अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. लोक अदालत में पेटी ऑफेंसेस सहित विभिन्न प्रकार के मुकदमों की त्वरित सुनवाई की गई. लोक अदालत में विभिन्न बैंकों ने अपने अपने स्टॉल लगाए. स्टॉल पर लंबित मुकदमों का निपटारा किया गया. लोगों ने सुलहनीय शुल्क जमा कर मामलों का समाधान कराया. कई लोग बैंक लोन के निपटारे के लिए पहुंचे. कुछ लोग अपने पिता द्वारा लिए गए कर्ज के समाधान की गुहार लेकर आए. लोक अदालत ने लोगों को त्वरित न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इससे न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ में भी कमी आई. साथ ही, लोगों को सुलह-समझौते के माध्यम से अपने विवादों का समाधान करने का अवसर मिला.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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