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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1489 मामलों का किया गया निष्पादन, 4.38 करोड़ रुपये का हुआ समझौता

Updated at : 13 Dec 2025 9:29 PM (IST)
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1489 मामलों का किया गया निष्पादन, 4.38 करोड़ रुपये का हुआ समझौता

राष्ट्रीय लोक अदालत में 1489 मामलों का किया गया निष्पादन, 4.38 करोड़ रुपये का हुआ समझौता

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सिविल कोर्ट व अनुमंडलीय कोर्ट गोगरी में राष्ट्रीय लोक अदालत का किया गया आयोजन

खगड़िया. सिविल कोर्ट खगड़िया व अनुमंडलीय सिविल कोर्ट गोगरी में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. सिविल कोर्ट परिसर में दो पूछताछ काउंटर खोले गए थे. जहां पक्षकारों को मुकदमों की जानकारी दी जा रही थी. सिविल कोर्ट के प्रवेश द्वार पर बनी पूछताछ काउंटर पर भीड़ लगी रही. लोगों की सहायता के लिए पीएलवी की सेवा ली गयी थी. सभी प्रकार के सुलहनीय वादों का निष्पादन किया गया. खगड़िया सिविल कोर्ट में प्रधान जिला जज सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजेश कुमार बच्चन, जिला व अपर न्यायाधीश द्वितीय शैलेन्द्र कुमार टू तथा चंदन कुमार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकर, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रदेव प्रसाद यादव व सचिव नागेश्वर प्रसाद गुप्ता ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय लोक अदालत का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया. कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के नोडल पदाधिकारी सह सीनियर डिप्टी कलेक्टर विकास कुमार, डीएसपी मुख्यालय प्रवीण कुमार मिश्रा आदि उपस्थित थे. राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत सिविल कोर्ट खगड़िया व गोगरी में 1489 वादों का निष्पादन किया गया. पक्षकारों के बीच 4 करोड़ 38 लाख 26 हजार 523 रुपये का समझौता हुआ, जिसमें कोर्ट में लंबित वाद कुल 649 बैंक ऋण वाद 819 व बीएसएनल से संबंधित 21 वाद का निष्पादन किया गया. मुकदमें के पक्षकारों की सहायता के लिए इस बार भी दो हेल्प डेस्क बनाये गये थे. डालसा के सचिव चंदन कुमार ने लोक अदालत की सफलता के लिए सभी न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, बैंककर्मी, पीएलवी, अधिवक्ता तथा दूर-दूर से आए सभी पक्षकारों को धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया.

वादों के निष्पादन के लिए 10 बेंच का किया गया गठन

वादों के निष्पादन के लिए लोक अदालत में 10 बेंच का गठन किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कई बार प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा मामलों के निष्पादन के लिए गठित पीठ का निरीक्षण करते रहे. पक्षकारों से बातचीत कर उनके मामलों का निष्पादन संबंधित बेंच में कराया गया. प्रधान जिला जज ने सभी पीठासीन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जो भी पक्षकार आए हैं उनके वाद का निष्पादन करके ही उन्हें वापस भेजें. प्रधान जिला न्यायाधीश, डालसा के सचिव घूम-घूमकर लोगों व पीठ अधिकारी की समस्या सुन रहे थे.

बेंच संख्या दो में बीमा, बिजली से संबंधित मामले को रखा गया था. बैंक से संबंधित बेंच में भी भीड़ रही. सबसे ज्यादा भीड़ समूह की महिलाओं की थी, जो अपने ऋण माफी के लिए बेचैन थी. जिनके ऋण मामले निष्पादित हो गया. वह खुश होकर जा रही थी. इस लोक अदालत में वैसी महिलाएं भी भटक रही थी जिनके पति ने ऋण लिया और उसकी मृत्यु हो गयी. अब घर में कमाने वाले कोई नहीं है. बैंक ने नोटिस भेज दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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