अवैध वसूली के फेर में मवि कलवारा में पांच महीने से एमडीएम बंद, भूखे पढ़ रहे बच्चे

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Sep 2019 8:15 AM

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खगड़िया : राशि रहने के बाद भी अलौली प्रखंड के मध्य विद्यालय कलवारा में अप्रैल महीने से मध्याह्न भोजन का संचालन बंद है. लिहाजा, पांच महीने से स्कूल के सैकड़ों बच्चों को भूखे पेट पढ़ाई करनी पड़ रही है. इस बात की जानकारी बीडीओ से लेकर डीइओ तक को हैं लेकिन गुरुवार तक स्कूल में […]

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खगड़िया : राशि रहने के बाद भी अलौली प्रखंड के मध्य विद्यालय कलवारा में अप्रैल महीने से मध्याह्न भोजन का संचालन बंद है. लिहाजा, पांच महीने से स्कूल के सैकड़ों बच्चों को भूखे पेट पढ़ाई करनी पड़ रही है. इस बात की जानकारी बीडीओ से लेकर डीइओ तक को हैं लेकिन गुरुवार तक स्कूल में एमडीएम शुरू नहीं हो पाया था. वित्त प्रभारी व पूर्व प्रधानाध्यापक के बीच विवाद में बच्चों को भूखे रहना पड़ रहा है. इधर, पूरे मामले में डीइओ ने कोलवारा विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रकाश सदा को हटा कर नये शिक्षक विधानचन्द्र को विद्यालय का प्रभार सौंपा है.

साथ ही पूर्व प्रधानाध्यापक के मानदेय भुगतान पर भी रोक लगा दी गयी है. इधर, वित्त प्रभारी ने नये प्रधानाध्यापक को एडवांस के रूप में राशि का चेक भी दे दिया है लेकिन एमडीएम शुरू नहीं किया गया है. मिली जानकारी अनुसार नये प्रधानाध्यापक गुरुवार को विद्यालय भी नहीं आये थे.
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पांच महीने से एमडीएम बंद रहने के बाद भी अब तक अधिकारी नये नये आदेश निकाल रहे हैं, पत्राचार कर खानापूर्ति करने व्यस्त क्यों हैं? जिसका नतीजा ढाक के तीन पात निकला है. बता दें कि इस स्कूल में कुल 396 बच्चे नामांकित हैं.
इधर, विद्यालय से हटाये गये प्रधानाध्यापक प्रकाश सदा ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए डीएम को आवेदन देकर इंसाफ की गुहार लगायी है. डीएम को दिये आवेदन में पूर्व प्रधानाध्यापक श्री सदा ने सीआरसीसी उमेश कुमार, वित्त प्रभारी युगल किशोर सिंह सहित सचिव पर कुल 10 हजार रुपये प्रति महीने कमीशन लेने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा है कि विद्यालय में एमडीएम संचालन में प्रति महीने 25 हजार रुपये खर्च होते हैं, जिसका चेक देने के एवज में अवैध राशि ले लिया जाता है, ऐसे में गुणवत्तापूर्ण एमडीएम चलाना मुश्किल हो रहा था.
इसलिये अप्रैल 2019 से एमडीएम का संचालन बंद कर दिया गया. अगस्त 2018 में प्रभार संभालने के बाद मार्च तक एमडीएम का संचालन किया गया. लेकिन मात्र 75 हजार रुपये का चेक वित्त प्रभारी द्वारा दिया गया, उसमें से भी 30 हजार रुपये (प्रति महीने 10 हजार) की दर से ले लिया गया.
इसकी जानकारी डीइओ को भी दी गयी लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया. बीते 12 सितंबर को डीइओ कार्यालय में आयोजित बैठक में एमडीएम का चेक देने के एवज में अवैध वसूली का मामला उठाने के बाद मुझे प्रधानाध्यापक पद से हटा कर शारीरिक शिक्षक विधानचन्द्र को प्रभार दे दिया गया.
हालांकि आरोप के घेरे में आये सीआरसीसी, वित्त प्रभारी, एमडीएम बीआरपी, शिक्षा समिति के सचिव ने अवैध वसूली सहित सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पूर्व प्रधानाध्यापक श्री सदा को ही कटघरे में खड़ा किया है.
मवि कलवारा के पूर्व एचएम प्रकाश सदा ने आवेदन देकर एमडीएम की राशि का चेक देने में एवज में 10 हजार रुपये कमीशन लेने सहित सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की है.
उन्होंने कहा है कि भ्रष्टाचार का मामला उठाने पर एचएम पद से हटाने व मानेदय रोक दिया गया. आवेदन के आलोक में डीइओ से जवाब तलब करते हुए स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है. एमडीएम बंद रहना गंभीर मामला है. जरूरत पड़ी तो जिला स्तरीय टीम बना कर जांच करायी जायेगी. एमडीएम संचालन में कमीशनखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
अनिरुद्ध कुमार, डीएम.
अगस्त 2018 में मवि कलवारा का प्रभार संभालने के बाद मार्च 2019 तक एमडीएम का संचालन किया, लेकिन स्कूल के वित्तीय प्रभारी द्वारा तीन महीने में खर्च हुई कुल 75000 रुपये ही दिये गये. जिसमें से वित्त प्रभारी, शिक्षा समिति के सचिव व सीआरसीसी द्वारा 30 हजार रुपये कमीशन ले लिया गया. वित्त प्रभारी द्वारा राशि नहीं दिये जाने के कारण अप्रैल 2019 में एमडीएम बंद कर दिया गया.
प्रकाश सदा, पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक, मध्य विद्यालय कलवारा.
बीडीओ से लेकर पूर्व डीइओ के निरीक्षण के दौरान मध्य विद्यालय कलवारा बंद पाया गया. कई पत्र निकाले गये, जांच रिपोर्ट सौंपी गयी हैं, जिसमें हटाये गये प्रधानाध्यापक प्रकाश सदा की मनमानी व लापरवाही सामने आयी है.
मुझे रजिस्टर तक देखने नहीं दिया जाता था, एमडीएम में खर्च की गयी राशि का हिसाब-किताब भी नहीं दिया जाता था, ऐसे में एमडीएम की राशि का चेक कैसे दे देते. अब प्रधानाध्यापक पद से हटाने के बाद शिक्षक प्रकाश सदा द्वारा अवैध वसूली सहित अन्य अनर्गल व बेबुनियाद आरोप लगाये जा रहे हैं.
युगल किशोर सिंह, वित्त प्रभारी, मध्य विद्यालय कलवारा.
मवि कलवारा के हटाये गये एचएम प्रकाश सदा द्वारा लगाये जा रहे सारे आरोप बेबुनियाद हैं. पूर्व में विद्यालय के निरीक्षण के बंद पाये जाने पर इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी गयी थी, अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई यह हम नहीं बता सकते हैं.
उमेश कुमार, सीआरसीसी.
वित्तीय प्रभारी व हटाये गये प्रधानाध्यापक के बीच विवाद के कारण मध्य विद्यालय कलवारा में मध्याह्न भोजन संचालन बंद है. बताया गया है कि संचालक हिसाब नहीं देते हैं और वित्तीय प्रभारी चेक नहीं देते हैं, इसलिए एमडीएम बंद है. अवैध वसूली सहित अन्य आरोप बेबुनियाद हैं.
कुणाल कुमार, एमडीएम बीआरपी.
हमें अभी तक पूर्व प्रधानाध्यापक ने प्रभार नहीं दिया है. एमडीएम संचालन के लिये चेक मिल गया है. गुरुवार को छुट्टी में रहने के कारण विद्यालय नहीं गये थे. संभवत: शुक्रवार से मध्य विद्यालय कलवारा में मध्याह्न भोजन संचालन शुरू कर दिया जायेगा.
विधानचन्द्र, प्रधानाध्यापक.
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