किसानों के बीच केसीसी ऋण के रूप में बटेंगे " 995 करोड़

Updated at : 17 Jan 2018 5:14 AM (IST)
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किसानों के बीच केसीसी ऋण के रूप में बटेंगे " 995 करोड़

वित्तीय वर्ष 18-19 के लिए तैयार हुआ ऋण बजट आठ सेक्टरों के लिए हजार करोड़ का बना बजट खगड़िया : जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है. अच्छी खबर यह है कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए नाबार्ड ने जो ऋण बजट तैयार किया है, उसमें किसानों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया […]

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वित्तीय वर्ष 18-19 के लिए तैयार हुआ ऋण बजट

आठ सेक्टरों के लिए हजार करोड़ का बना बजट
खगड़िया : जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है. अच्छी खबर यह है कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए नाबार्ड ने जो ऋण बजट तैयार किया है, उसमें किसानों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है. कुल बजट का बड़ा हिस्सा सिर्फ किसानों के लिए सुरक्षित रखा गया है, ताकि खेती करने, फसलों की सिंचाई करने व कृषि यंत्र खरीदने के लिए किसानों को किसी सेठ साहुकार के सामने हाथ न फैलाना पड़े. नाबार्ड ने वित्तीय वर्ष 18-19 के लिए जिले का ऋण बजट तैयार किया है. सिर्फ केसीसी ऋण के रूप में 995 करोड़ रुपये ऋण वितरण का बजट बनाया है.
सूत्र बताते हैं कि नाबार्ड द्वारा तैयार कुल बजट की करीब 45 प्रतिशत राशि सिर्फ केसीसी ऋण के रूप में वितरण करने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसके अलावे कृषि उपकरण की खरीदारी के लिए 98 करोड़ रुपये, फसलों के सिंचाई यंत्र की खरीदारी के लिए 68 करोड़ रुपये का बजट बनाया गया है. इस बजट को जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी से स्वीकृति मिल चुकी है. अब इसे राज्य स्तर पर भेजा गया है.
पशुपालकों का भी रखा गया है ख्याल: जानकार बताते हैं कि पशु पालन सहित मुर्गी व सूअर पालन भी कृषि का हिस्सा है. बड़ी संख्या में किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन भी करते है. अगले वित्तीय वर्ष के लिए तैयार ऋण बजट में इन क्षेत्रों का भी ख्याल रखा गया है. जानकारी के मुताबिक डेयरी के लिए 41 करोड़, बकरी, सूअर व भेड़ पालन के लिए नौ करोड़ सहित संपूर्ण कृषि से जुड़े/संबंधित क्षेत्र के लिए 1355 करोड़ रुपये का ऋण बजट तैयार किया है, जो कुल बजट का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा है.
क्षेत्रों का बजट: कृषि के साथ साथ नाबार्ड ने आठ सेक्टरों के लिए संभाव्यतायुक्त ऋण बजट बनाया है. रोजगार, स्वरोजगार व कारोबार के लिए 460 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसी तरह गोदाम निर्माण के लिए 44 करोड़, हाउसिंग लोन के लिए 63, शिक्षा ऋण के लिए 46 करोड़, फूड व एग्रो प्रोसेसिंग के लिए 31 करोड़ तथा बीज उत्पादन, वर्मी कंपोस्ट, टीसू कल्चर के लिए 205 करोड़ रुपये का ऋण बजट तैयार किया गया है.
छह प्रतिशत की वृद्धि के साथ बना बजट
राज्य के हरेक जिले के लिए प्रत्येक वर्ष नाबार्ड द्वारा ऋण बजट तैयार किया जाता है. इस बजट के आधार पर ही सीएलबीसी के द्वारा प्रत्येक जिले को ऋण वितरण का लक्ष्य दिया जाता है. संभावना यही है कि तैयार बजट के अनुरूप ही वर्ष 18-19 का लक्ष्य जिले को मिलेगा. जानकारी के मुताबिक अगले वित्तीय वर्ष के लिए नाबार्ड ने जिले के लिए दो हजार 65 करोड़ रुपये का ऋण बजट बनाया है. जानकारी के मुताबिक छह प्रतिशत वृद्धि के साथ जिले का ऋण बजट तैयार किया है. वर्ष 17-18 के लिए नाबार्ड ने 1943 करोड़ का ऋण बजट बनाया था, जबकि वर्ष 18-19 के लिए इसमें वृद्धि करते हुए दो हजार 65 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है.
कहते हैं डीडीएम
छह प्रतिशत की वृद्धि के साथ वित्तीय वर्ष 18-19 को ले जिले के लिए संभाव्यतायुक्त ऋण बजट तैयार किया गया है. पूरा बजट दो हजार 65 करोड़ रुपये का है. डीएलसीसी की बैठक में इसे मंजूरी मिल चुकी है. संभावना है कि वर्ष18-19 का ऋण वितरण लक्ष्य इसी बजट के आसपास होगा.
अनिल रजक, डीडीएम नाबार्ड
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