बाल विवाह व दहेज प्रथा खत्म करने की जरूरत

Updated at : 07 Jan 2018 2:55 AM (IST)
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बाल विवाह व दहेज प्रथा खत्म करने की जरूरत

समीक्षा यात्रा : खगड़िया में बोले सीएम खगड़िया : सामाजिक कुरीति मिटाये बगैर विकास अधूरा है. विकास के साथ-साथ समाज सुधार भी जरूरी है. शराबबंदी के बाद अब दहेज बंदी व बाल विवाह उन्मूलन की ओर बिहार बढ़ रहा है. बाल विवाह व दहेज मुक्त समाज के लिये आम जनता को बढ़ चढ़ कर आगे […]

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समीक्षा यात्रा : खगड़िया में बोले सीएम

खगड़िया : सामाजिक कुरीति मिटाये बगैर विकास अधूरा है. विकास के साथ-साथ समाज सुधार भी जरूरी है. शराबबंदी के बाद अब दहेज बंदी व बाल विवाह उन्मूलन की ओर बिहार बढ़ रहा है. बाल विवाह व दहेज मुक्त समाज के लिये आम जनता को बढ़ चढ़ कर आगे आना होगा. बाल विवाह व दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों का खुलकर विरोध करें. ऐसी शादी में शरीक न हों जहां इन कुरीतियों को अपनाया जा रहा हो. उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोगरी प्रखंड की गौछारी में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कही. सीएम विकास समीक्षा यात्रा के तृतीय चरण में गौछारी
बाल विवाह व…
के खटहा गांव पहुंचे. वहां उन्होंने कई योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास भी किया. उन्होंने कहा कि सात निश्चय योजनाओं से बिहार का तेजी से विकास हो रहा है. बिहार की प्रतिभाओं को निखारने में स्टूडेंट क्रेडिट सहायक हो रहा है. कौशल विकास से समाज में आत्मनिर्भरता आयेगी.
सीएम ने कहा, याद रखियेगा अपना वादा
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सूबे में विकास तभी साकार होगा, जब हमलोग मिलकर सामाजिक कुरीतियां मिटायेंगे. इसके लिए आप सबों को संकल्प लेना होगा ‘हम दहेज का लेन-देन नहीं करेंगे, बेटे-बेटियों की कम उम्र में शादी नहीं करेंगे’. आपके सहयोग से ही बिहार विकास में अव्वल होगा. मुख्यमंत्री के कहने पर हजारों लोगों ने अपना हाथ उठाया और कुरीतियां मिटाने में अपनी सहभागिता दिखायी. सीएम ने कहा कि आप लोगों ने सूर्य के सामने अपना हाथ उठाया है याद रखियेगा.
236 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन
गौछारी पहुंचे सीएम नीतीश कुमार ने जिले में 235 करोड़ 84 लाख की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. उन्होंने शिलापट्ट देख कर कहा, इतनी योजनाओं को एक साथ देख खुशी हो रही है. 2009 की विकास यात्रा के दौरान लोगों ने जो मांगें रखी थीं, वे पूरी हो रही हैं. उस दौरान मैं यहीं टेंट में रुका था. चाहता तो किसी के यहां रुक जाता, लेकिन मुझे गांवों का हाल जानना था. मेरे अलावा अधिकारियों की टीम भी टेंट में रही. वे गांव की समस्याओं से अवगत हुए.
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