खगड़िया : जिले में विगत 5-6 दिनों से शीलतहर का प्रकोप निरंतर जारी है. शीतलहरी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, तो कनकनी ने लोगों की मुश्किलें बढ़़ा दी है. जिसके कारण आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. हड्डी कंपा देने वाली ठंढ़ के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. गत चार-पांच दिनों से पारा रोज एक से दो डिग्री लुढ़कता जा रहा है.
सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गये हैं. तापमान में गिरावट पर धूप का पहरा समाप्त हो जाने की वजह से कनकनी और भी बढ़ गयी है. फिर भी पछुआ हवा ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से बदल दी है.
सावधानी बरतने की जरूरत : बदलते मौसम में सेहत का ख्याल नहीं रखना भारी पड़ सकता है. डॉक्टर की मानें तो खान-पान तथा रहन-सहन के मामले में खास ध्यान देने की जरूरत है. आज कल वायरल इंफेक्शन के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है. बड़ों के साथ बच्चे भी वायरल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं. इस मौसम में बच्चों तथा बुजुर्गों को एहतियात बरतने की जरूरत है.
मजदूरों की कमाई पर लगा ब्रेक : ठंड व कुहासे ने जन-जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर रख दिया है. जैसे-जैसे मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आता जा रहा है, ठंड बढ़ती ही जा रही है. कैलेंडर की तिथि ऊपर की ओर बढ़ रही है और पारा नीचे की ओर लुढ़कता जा रहा है. बुधवार को स्थिति और भी विकराल हो गयी. ठंड में और इजाफा हो गया. इसने शीतलहर के कारण अस्त-व्यस्त जनजीवन को और भी परेशान कर दिया. लोग घरों में ही दुबके रहे. बाजार में आवाजाही न के बराबर रही. रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक सूनसान नजर आता रहा. लोग घरों से नहीं निकले. मजबूरन निकलने वाले भी जल्द से जल्द वापस घर की ओर लौटने के लिए बेताब नजर आते रहे.
कारोबार पर असर : मौसम के इस बदले मिजाज के कारण बाजार में सन्नाटा पसरा है. दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान तो खोल रखे थे, लेकिन ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर है. किराना दुकान व सब्जी मार्केट में भी अपेक्षाकृत कम लोग नजर आये. इक्का-दुक्का ग्राहक अगर पहुंचे अभी तो गर्म कपड़ों की खरीदारी के लिए ही आये. इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है. जेनरल स्टोर चलाने वाले बंटी कुमार बताते हैं कि पिछले एक सप्ताह से कारोबार बुरी तरह प्रभावित है. बिक्री आधी से भी कम हो गयी है.
वहीं दवा व्यवसायी दिवाकर मिश्र कहते हैं कि इस बीच में उनका कारोबार भी प्रभावित हुआ है. दैनिक उपयोग की सामग्री बेचनेवाले पंकज झा बताते हैं कि व्यवसाय में 70 प्रतिशत तक कमी आ गयी है. यही कारण है रात नौ बजे तक गुलजार रहनेवाले मार्केट में शाम के छह बजते ही दुकानों का शटर गिरने लगता है.गोगरी से प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार की शाम से ही चल रही तेज पछुआ हवा के चलते बुधवार को सिहरन चरम पर रही है. भीषण कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर पंचायत द्वारा नगर के चिन्हित पॉइंट पर जलने वाला अलाव बुधवार को नहीं जला. कर्मियों ने साहब के आदेश नहीं मिलने की बात बतायी.
वही सर्दी शुरू होने से पहले ही नगर पंचायत द्वारा कंबल वितरण किए जाने का आश्वासन दिया गया था. कड़ाके की ठंड में भी अभी तक कंबल का वितरण नहीं किया जा सका है. गरीब मजदूर वर्ग के लोग अभी भी कंबल की आस में टकटकी लगाए बैठे हैं. नववर्ष के तीसरे दिन इस ठंड के चलते लोग शाम ढलते ही घरों में दुबकने को विवश हो गये. तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गयी है. दो दिनों से तेज पछुआ हवा बहने के कारण मौसम ने अपना रूख बदल लिया है. इधर प्रशासनिक दावों के उलट चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था भी नदारद रही. जिससे लोगों में आक्रोश देखा गया.