सेटिंग ने बना दिया अयोग्यों को गुरुजी
Updated at : 03 Jan 2018 3:55 AM (IST)
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अवमानना . हाइकोर्ट से हटाये गये शिक्षक को डीइओ ने किया बहाल पहले जिला अपीलीय प्राधिकार द्वारा नियोजन निरस्त करने फिर पटना हाइकोर्ट द्वारा अपील खारिज किये जाने के बाद ओलापुर गंगौर पंचायत में वर्ष 2006 में नियोजित 11 शिक्षकों का नियोजन निरस्त कर दिया गया. लेकिन, पिछले दरवाजे से सेटिंग होते ही हटाये गये […]
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अवमानना . हाइकोर्ट से हटाये गये शिक्षक को डीइओ ने किया बहाल
पहले जिला अपीलीय प्राधिकार द्वारा नियोजन निरस्त करने फिर पटना हाइकोर्ट द्वारा अपील खारिज किये जाने के बाद ओलापुर गंगौर पंचायत में वर्ष 2006 में नियोजित 11 शिक्षकों का नियोजन निरस्त कर दिया गया. लेकिन, पिछले दरवाजे से सेटिंग होते ही हटाये गये कई शिक्षकों को डीइओ ने नियम कायदे को ताक पर रख कर फिर से नियोजन कर दिया है.
खगड़िया : शिक्षा विभाग के काले कारनामे की लिस्ट लंबी होती जा रही है. अब तो शिक्षा विभाग के हाकिम हाइकोर्ट के आदेश को भी ताक पर रख दे रहे हैं. नया मामला वर्ष 2006 में ओलापुर गंगौर पंचायत में नियोजित 11 शिक्षकों के नियोजन से जुड़ा हुआ है. इसमें बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत पर सुनवाई के बाद जिला अपीलीय प्राधिकार ने सभी 11 शिक्षकों का नियोजन रद्द कर दिया था. इस आदेश के खिलाफ हाइकोर्ट में दायर अपील खारिज हो गयी.
हाइकोर्ट ने जिला अपीलीय प्राधिकार के द्वारा नियोजन रद्द करने के आदेश को सही ठहराया. इसके बाद वर्तमान डीइओ ने सितंबर 2017 में इन सभी 11 शिक्षकों का नियोजन रद्द करने का सख्त आदेश जारी किया. इसके आलोक में वर्ष 2006 में नियोजित इन सभी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया. लेकिन दो महीने के अंदर ही डीइओ पलटी मार गये. डीइओ नवंबर 2017 में एक नया आदेश जारी किया. जिसमें हटाने के आदेश को स्थगित करते हुए हटायी गयी शिक्षिका पिंकी कुमारी, सुषमा दयाल आदि को फिर से नियोजित कर विद्यालय आवंटित करने का निर्देश पंचायत सचिव को जारी कर दिया.
डीइओ के काले कारनामे के खिलाफ ओलापुर गंगौर पंचायत की मुखिया प्रिय कुमारी सिंह ने आवाज उठाते हुए उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होते देख मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर इसकी शिकायत की है. मुखिया ने सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व मुखिया व वर्तमान मुखिया को इस नियोजन की कोई जानकारी नहीं दी गयी. न ही इससे संबंधित कोई अभिलेख या कार्यवाही पंजी पंचायत शिक्षक नियोजन ईकाई के पास उपलब्ध है. दरअसल, यह सब पिछले दरवाजे से बैक डेट के सहारे किया गया है. इसमें मोटी रकम का खेल हुआ है. अगर जल्द ही फर्जीवाड़े के आधार पर नियोजित शिक्षकों हटा कर नये सिरे से नियम कायदे के अनुसार ओलापुर गंगौर पंचायत में नियोजन नहीं किया गया तो इसके खिलाफ हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जायेगा.
मामला वर्ष 2006 में ओलापुर-गंगौर पंचायत में 11 शिक्षकों के नियोजन में बड़े पैमाने पर धांधली का
जिला अपीलीय प्राधिकार के आदेश व हाइकोर्ट से अपील खारिज होने के बाद हटाये गये थे 11 शिक्षक
डीइओ ने बर्खास्त किये गये कई शिक्षकों का नवंबर 2017 में पिछले दरवाजे से फिर से किया नियोजन
ओलापुर गंगौर पंचायत की मुखिया ने बर्खास्त शिक्षकों के फिर से नियोजन में पैसे के खेल की जतायी आशंका
मुखिया ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज डीइओ के कारनामे की शिकायत करते हुए नियोजन निरस्त करने की मांग की
मुखिया ने लिखा पत्र, बहाली निरस्त करने की मांग
वर्ष 2006 में ओलापुर गंगौर पंचायत में 11 शिक्षकों के नियोजन में बड़े पैमाने पर धांधली बरती गयी. जिला अपीलीय प्राधिकार के वाद संख्या 01/12 में पारित आदेश में उक्त नियोजन को अवैध ठहराया गया. इस आदेश के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय में दायर सीडब्लूजेसी नंबर 47680/12 खारिज होने के बाद डीइओ ने अपने कार्यालय के पत्रांक 2071 दिनांक 04.09.2017 के द्वारा सभी 11 शिक्षकों का नियोजन निरस्त कर दिया गया. इसके बाद सभी 11 शिक्षकों को हटा दिया गया. फिर शुरू हुआ सेटिंग गेटिंग व पैसों का खेल. पिछले दरवाजे से सेटिंग कर मोटी रकम के सहारे डीइओ ने हटाये गये कई शिक्षकों को बहाल करने का फिर से आदेश दे दिया गया.
डीइओ ने ज्ञापांक 2506 दिनांक 13.11.2017 के तहत पूर्व के 4 सिंतबर को दिये गये आदेश को स्थगित कर दिया. साथ ही पूर्व की स्थिति को बहाल रखते हुए पंचायत सचिव को बर्खास्त किये गये पिंकी कुमारी व सुषमा दयाल को फिर से नियोजित करने का आदेश जारी कर दिया. पिछले पंचायत सचिव से बैक डेट में पत्र जारी करवा कर हटाये गये शिक्षक बहाल हो गये. मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर डीइओ सुरेश साहु की कारनामे की शिकायत करते हुए पिछले दरवाजे से किये गये शिक्षक नियोजन को निरस्त कर नये सिरे से नियोजन की मांग की गयी है.
प्रिय कुमारी सिंह, मुखिया, ओलापुर-गंगौर पंचायत.
विभागीय आदेश के आलोक में किया
गया है नियोजन
हाइकोर्ट व जिला अपीलीय प्राधिकार के आदेशानुसार 2006 में ओलापुर गंगौर में नियोजित सभी 11 शिक्षकों को पत्रांक 2071 दिनांक 04.09.2017 के तहत नियोजन रद्द कर दिया गया. लेकिन उस वक्त सही रिपोर्ट नहीं देने के कारण सहित विभागीय आदेश के आलोक में डीइओ कार्यालय के पत्रांक 2506 दिनांक 13.11.2017 के तहत हटायी गयी पिंकी कुमारी व सुषमा दयाल को फिर से नियोजित कर अलग-अलग विद्यालय आवंटित करने का आदेश पंचायत सचिव को दिया गया.
सुरेश साहु, डीइओ.
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