कुष्ठ रोग से होने वाले दिव्यांगता से बचने के लिए ससमय उपचार जरूरी
Updated at : 30 Jan 2026 6:12 PM (IST)
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कुष्ठ दिवस पर सदर अस्पताल परिसर स्थित एएनएम स्कूल के सभागार में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया
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कुष्ठ दिवस पर जागरूकता व सम्मान समारोह का किया गया आयोजन
कटिहार
. कुष्ठ दिवस पर सदर अस्पताल परिसर स्थित एएनएम स्कूल के सभागार में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य कुष्ठ रोग से होने वाली दिव्यांगता के कारणों, उसकी समय पर पहचान व रोकथाम को लेकर समाज को जागरूक करना व कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों को सम्मानित करना था. कार्यक्रम कोशी क्षेत्रीय विकलांग, विधवा, वृद्ध कल्याण समिति कटिहार के सहयोग से आयोजित किया गया. इसका उद्घाटन सीएस डॉ जितेंद्र नारायण सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया. उन्होंने कुष्ठ रोग के प्रारंभिक लक्षणों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि शरीर के किसी भी हिस्से पर ऐसे दाग या धब्बे, जिनमें दर्द या खुजली महसूस न हो, कुष्ठ रोग के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि समय पर पहचान और समुचित उपचार से कुष्ठ रोग से होने वाली दिव्यांगता को पूरी तरह रोका जा सकता है. इस अवसर पर प्रांत सेवा प्रमुख (उत्तर बिहार) राजा राम एवं बिहार राज्य सलाहकार बोर्ड, समाज कल्याण विभाग के सदस्य शिव शंकर रमानी ने भी अपने विचार व्यक्त किया. रमानी ने बताया कि बिहार सरकार के निर्देश पर 11 फरवरी को सभी कुष्ठ रोगियों के लिए डॉक्टरों द्वारा दिव्यांग प्रमाण पत्र व यूडीआइडी कार्ड बनाया जायेगा. कार्यक्रम में एएनएम स्कूल के प्राचार्य आरिफ, डॉ एसपी विनकर, डॉ अमरेंद्र कुमार, प्रो. बिरेंद्र कुमार सिंह, गंगाराम चंद्रवंशी, योगेश दुबे, सरदार अमर सिंह, डॉ आजम सहित जुली देवी, मोनिका कुमारी, मुन्ना शाह, शंभू ठाकुर, राजीव कुमार सिंह, रवि कुमार दास समेत कई समाजसेवी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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