नल जल योजना हजारों लीटर शुद्ध पानी हो रहा बर्बाद

Updated at : 04 Jan 2026 6:47 PM (IST)
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नल जल योजना हजारों लीटर शुद्ध पानी हो रहा बर्बाद

नल जल योजना हजारों लीटर शुद्ध पानी हो रहा बर्बाद

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हसनगंज प्रखंड मुख्यालय परिसर में नल जल योजना के तहत लगे जर्जर टूटी नलों से प्रतिदिन हजारों लीटर शुद्ध पेयजल गंदे नाले में व्यर्थ बहकर बर्बाद हो रहा है. सुधि लेने वाला कोई नहीं है. एक तरफ सरकार ग्रामीण स्तर पर जल संरक्षण को लेकर कई योजनाएं व कार्यक्रम संचालित कर रही है. प्रखंड मुख्यालय में ही हजारों लीटर शुद्ध पानी बहकर बर्बाद हो रहा है. मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि सदानंद तिर्की व ग्रामीण हरिचंद्र उरांव ने बताया कि एक तरफ ग्रामीण स्तर पर लोगों को शुद्ध जल पीने को लेकर नहीं मिल रहा है. ग्रामीण स्तर पर पंचायतों व वार्डों में लगे करोड़ों का जलमीनार बस शोभा की वस्तु बनी हुई है. अधिकतर टूटी क्षतिग्रस्त अवस्था में पहुंच चुकी है. ग्रामीणों को हर घर नल का जल योजना से पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है. जबकि प्रखंड मुख्यालय में बीडीओ सहित कई वरीय पदाधिकारी के आंखों के सामने प्रतिदिन शुद्ध जल बर्बाद हो रहा है. इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. टूटी नलों से बहता पानी प्रखंड मुख्यालय के सामने स्थित खेल मैदान में प्रवेश कर जाता है, खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मैदान में पानी जमा होने से बच्चों और युवाओं के खेलकूद में बाधा उत्पन्न हो रही है. प्रखंड प्रशासन एवं पीएचईडी विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करती है. स्थानीय पूर्व पंचायत समिति प्रतिनिधि सदानंद तिर्की, हरिचंद उरांव सहित अन्य लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत पानी टंकी निर्माण के बाद पाइपलाइन और नल लगाए गए थे, ताकि लोगों को आयरन मुक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके, लेकिन समुचित देखरेख और रखरखाव के अभाव में यह योजना कुछ ही दिनों में बदहाल हो गई है. प्रतिदिन हजारों लीटर शुद्ध पानी बहकर बर्बाद हो रहा है. चिंता की बात यह है बीडीओ समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का नियमित आना-जाना होता है, सुधार की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. लोगों ने कहा, जब प्रखंड मुख्यालय में नलों की यह स्थिति है, तो ग्रामीण इलाकों में लगे नलों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग के कनीय अभियंता को कई बार जानकारी दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई. प्रखंड मुख्यालय के सामने तथा मनरेगा भवन परिसर में लगे नलों से पूरे दिन पानी बहता रहता है, जो जल संरक्षण की सरकारी योजनाओं पर सीधा सवाल खड़ा करता है. खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नलों से बहता पानी खेल मैदान की चारदीवारी के नीचे से अंदर प्रवेश कर जाता है, मैदान में जलजमाव हो जाता है और खेल गतिविधियां प्रभावित होती हैं. लोगों ने कहा कि हसनगंज एक मॉडल प्रखंड सह अंचल कार्यालय है, जहां सभी विभागों के अधिकारी और कर्मियों का आगमन होता है. इसके बावजूद इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है. जनप्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और नागरिकों ने डीएम से मांग की है कि मामले की जांच कर जर्जर नलों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए तथा लापरवाह पदाधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए. कनीय अभियंता सृष्टि कुमारी ने कताई की जांच कर इसकी मरम्मत कार्य किया जायेगा.

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