अप्रोच पथ नहीं बनने से कई दिनों से बंद है डीएस कॉलेज का मुख्य पथ

Updated at : 13 Dec 2025 7:37 PM (IST)
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अप्रोच पथ नहीं बनने से कई दिनों से बंद है डीएस कॉलेज का मुख्य पथ

अप्रोच पथ नहीं बनने से कई दिनों से बंद है डीएस कॉलेज का मुख्य पथ

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– ड्रेनेज बनाने के बाद अप्रोच ढलाई करना भूल गया बुडको के अधिकारी – छात्रों को ही रही परेशानी, शिक्षक से लेकर कर्मचारी दूसरे द्वार से कॉलेज में करते हैं प्रवेश कटिहार डीएस कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने से ड्रेनेज ले जाया जा रहा है. जिससे डीएस कॉलेज का मुख्य द्वार को बंद किया गया है. नाला निर्माण के बाद आगे के लिए कनेक्ट कर दिया गया है. ड्रेनेज का तीन फीट ऊंचा होने के कारण अप्रोच पथ नहीं बनाये जाने के कारण अब तक मुख्यद्वार बंद है. जिसका नतीजा है कि छात्र, शिक्षक व कर्मचारियों को एक सौ मीटर अतिरिक्त दूरी तय कर दूसरे द्वार से प्रवेश को विवशता है. मालूम हो कि इससे पूर्व दूसरे द्वार के सामने से ड्रेनेज निर्माण के दौरान लोहे का गेट गिर गया था. जिसे कॉलेज प्रशासन के द्वारा बार -बार बोलने पर बुडको द्वारा बनाया गया था. इस दौरान काफी लम्बे समय तक उक्त गेट से आना जाना बंद हो गया था. अब मुख्यद्वार के सामने से ड्रेनेज ले जाये जाने के कारण व अप्रोच ढलाई नहीं होने से पूरी तरह से यह गेट बंद है. इन दिनों प्रथम सेमेस्टर 2025-29 का रजिस्ट्रेशन कार्य हो रहा है. नये- नये नामांकित छात्र छात्राएं कॉलेज पहुंच रहे हैं. लेकिन मुख्य द्वार बंद रहने की वजह से उनलोगों को प्रवेश कॉलेज में प्रवेश करने के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है. काफी खोजबीन करने के बाद पचास से सौ मीटर दूर दूसरे गेट से कॉलेज प्रवेश करने को मजबूर हैं. छात्र संगठनों के सदस्यों का कहना है कि शहर में 220 करोड़ का ड्रेनेज का निर्माण काफी मंद गति से होने के कारण जहां तहां इस तरह की समस्या है. डीएस कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने से बीस दिनों से कार्य चल रहा है. अब तो उक्त द्वार के सामने नाला निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. अप्रोच ढलाई नहीं होने से आवागमन प्रभावित हो सकता है. कर्मचारियों ने भी इस समस्या से बुडको को अवगत कराया है. साथ ही मुख्यद्वार से आवागन सुचारू रूप से हो सके इसके लिए अप्रोच ढलाई की ओर बल दे रहे हैं. मामले में बुडको के सहायक अभियंता रत्नेश कुमार का कहना है कि ढलाई कार्य पूरा कर लिया गया है. दस से बीस दिन और इसी तरह रखा जायेगा. ताकि आवागमन के कारण कमजोर नहीं हो सके. कॉलेज प्रशासन की मांग पर छात्रों की सुविधा का ख्याल रखा जायेगा. जरूरत पड़ने पर अप्रोच पथ का ढलाई करा दिया जायेगा.

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