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पूरे देश में जातिगत जनगणना की मांग को लेकर राजद ने किया प्रदर्शन

Updated at : 01 Sep 2024 10:37 PM (IST)
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Electoral Roll Revision

राजद नेता व कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की

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कटिहार. देश में जातिगत जनगणना की मांग तथा तेजस्वी यादव के 17 महीना के सेवा काल में बढ़ायी गयी 65 प्रतिशत आरक्षण सीमा को संविधान की 9वीं सूची में शामिल करने की मांग को लेकर राजद ने रविवार को एक दिवस धरना प्रदर्शन किया. शहर के कर्पूरी परिसर में राजद जिला अध्यक्ष इशरत प्रवीण के नेतृत्व में राजद नेता व कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की. पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन राजद के प्रधान महासचिव राजेश यादव ने किया. मौके पर राजद जिला अध्यक्ष इशरत प्रवीण ने कहा कि हमारी मांगे हैं कि बिहार के तर्ज पर पूरे देश में जातिगत जनगणना करायी जाये. ताकि भारत के वंचित समाज की वास्तविक स्थिति के वैज्ञानिक आंकड़े पटल पर आ सके. इससे वंचितों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित होंगे एवं आरक्षण पर लगातार हो रहे हमले पर अंकुश लगेगा. कहा कि हमारे नेता तेजस्वी यादव मात्र 17 महीना ही सरकार में रहे और उन्होंने बिहार में जाति जनगणना करा दिया. राज्य में आरक्षण के लिए जो उन्होंने मेहनत की उन्हें यूं ही जाया नहीं होने देंगे. हमारी मांगे हैं कि तेजस्वी यादव के द्वारा बढ़ाई गयी 65 प्रतिशत आरक्षण सीमा को संविधान की नवीं सूची में शामिल किया जाये. पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री डॉ राम प्रकाश महतो ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यदि बिहार की चिंता है तो अभी वह केंद्र में सहयोगी पार्टी है. उनके कारण हीं केंद्र की सरकार बची हुई है. उन्हें आरक्षण के मुद्दे को उठाना चाहिए. साथ ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए उन्हें कड़ा रुख अपनाना चाहिए. मौके पर पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिर्फ मुख्यमंत्री बने रहने के लिए हर समझौता के लिए वह तैयार हो जाते हैं. हमारे नेता लालू यादव पूर्व से ही जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं. बिहार में मात्र 17 महीने ही सरकार में रहे तेजस्वी यादव ने जाति जनगणना करवा कर पिछड़े अति पिछड़े, दलित महादलित, अनुसूचित जाति और जनजाति आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया था. साजिश के तहत एनडीए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरक्षण को रद्द करवा दिया. जिसे हम सभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. राजद युवा नेता लाखों यादव ने कहा कि यदि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्र सरकार पर दबाव डाले तो बढ़े हुए आरक्षण को नवमी सूची में शामिल किया जा सकता है. लेकिन वह अपने मूल उद्देश्य से भटक गए हैं. सिर्फ मुख्यमंत्री बने रहने के लिए दलित और पिछड़ों के आरक्षण को लेकर वह भाजपा का साथ दे रहे हैं. लाखों यादव ने कहा कि दलित और पिछड़ों के आरक्षण को लेकर हमारा संघर्ष जारी रहेगा और इसे हम अंजाम तक पहुंचा कर ही दम लेंगे. प्रधान महासचिव राजेश कुमार यादव ने कहा कि आरक्षण को समाप्त करने की यह सरकार की सोची समझी साजिश है. जिसे हम पूरा नहीं होने देंगे. जिसका जितना हक है उनकी हाकमरी करने हम नहीं देंगे. इस अवसर पर तारकेश्वर ठाकुर, संजू सरदार, मनोहर यादव, भोला पासवान, अंजना देवी, जाहिद, अंबू यादव, कौशल यादव, नौशाद आलम, गोपाल यादव, विमल मालाकार, लक्ष्मी विश्वास, कर्पूरी ठाकुर, दीपक निराला, रोहिणी देवी, मिथुन यादव, मणिकांत यादव, अख्तर आलम बबलू, आशु पांडे, हाजी टिंकू, बच्चू भट्टाचार्य, बासु लाल आदि राजद के नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे. देश में जातिगत जनगणना की मांग तथा तेजस्वी यादव के 17 महीना के सेवा काल में बढ़ायी गयी 65 प्रतिशत आरक्षण सीमा को संविधान की 9वीं सूची में शामिल करने की मांग को लेकर राजद ने रविवार को एक दिवस धरना प्रदर्शन किया. शहर के कर्पूरी परिसर में राजद जिला अध्यक्ष इशरत प्रवीण के नेतृत्व में राजद नेता व कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की. पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन राजद के प्रधान महासचिव राजेश यादव ने किया. मौके पर राजद जिला अध्यक्ष इशरत प्रवीण ने कहा कि हमारी मांगे हैं कि बिहार के तर्ज पर पूरे देश में जातिगत जनगणना करायी जाये. ताकि भारत के वंचित समाज की वास्तविक स्थिति के वैज्ञानिक आंकड़े पटल पर आ सके. इससे वंचितों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित होंगे एवं आरक्षण पर लगातार हो रहे हमले पर अंकुश लगेगा. कहा कि हमारे नेता तेजस्वी यादव मात्र 17 महीना ही सरकार में रहे और उन्होंने बिहार में जाति जनगणना करा दिया. राज्य में आरक्षण के लिए जो उन्होंने मेहनत की उन्हें यूं ही जाया नहीं होने देंगे. हमारी मांगे हैं कि तेजस्वी यादव के द्वारा बढ़ाई गयी 65 प्रतिशत आरक्षण सीमा को संविधान की नवीं सूची में शामिल किया जाये. पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री डॉ राम प्रकाश महतो ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यदि बिहार की चिंता है तो अभी वह केंद्र में सहयोगी पार्टी है. उनके कारण हीं केंद्र की सरकार बची हुई है. उन्हें आरक्षण के मुद्दे को उठाना चाहिए. साथ ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए उन्हें कड़ा रुख अपनाना चाहिए. मौके पर पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिर्फ मुख्यमंत्री बने रहने के लिए हर समझौता के लिए वह तैयार हो जाते हैं. हमारे नेता लालू यादव पूर्व से ही जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं. बिहार में मात्र 17 महीने ही सरकार में रहे तेजस्वी यादव ने जाति जनगणना करवा कर पिछड़े अति पिछड़े, दलित महादलित, अनुसूचित जाति और जनजाति आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया था. साजिश के तहत एनडीए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरक्षण को रद्द करवा दिया. जिसे हम सभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. राजद युवा नेता लाखों यादव ने कहा कि यदि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्र सरकार पर दबाव डाले तो बढ़े हुए आरक्षण को नवमी सूची में शामिल किया जा सकता है. लेकिन वह अपने मूल उद्देश्य से भटक गए हैं. सिर्फ मुख्यमंत्री बने रहने के लिए दलित और पिछड़ों के आरक्षण को लेकर वह भाजपा का साथ दे रहे हैं. लाखों यादव ने कहा कि दलित और पिछड़ों के आरक्षण को लेकर हमारा संघर्ष जारी रहेगा और इसे हम अंजाम तक पहुंचा कर ही दम लेंगे. प्रधान महासचिव राजेश कुमार यादव ने कहा कि आरक्षण को समाप्त करने की यह सरकार की सोची समझी साजिश है. जिसे हम पूरा नहीं होने देंगे. जिसका जितना हक है उनकी हाकमरी करने हम नहीं देंगे. इस अवसर पर तारकेश्वर ठाकुर, संजू सरदार, मनोहर यादव, भोला पासवान, अंजना देवी, जाहिद, अंबू यादव, कौशल यादव, नौशाद आलम, गोपाल यादव, विमल मालाकार, लक्ष्मी विश्वास, कर्पूरी ठाकुर, दीपक निराला, रोहिणी देवी, मिथुन यादव, मणिकांत यादव, अख्तर आलम बबलू, आशु पांडे, हाजी टिंकू, बच्चू भट्टाचार्य, बासु लाल आदि राजद के नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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