बच्चों व युवाओं को तस्करी व डिजिटल शोषण से सुरक्षित रखने का संकल्प

Updated at : 19 Dec 2025 7:15 PM (IST)
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बच्चों व युवाओं को तस्करी व डिजिटल शोषण से सुरक्षित रखने का संकल्प

बच्चों व युवाओं को तस्करी व डिजिटल शोषण से सुरक्षित रखने का संकल्प

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– कार्यशाला में डिजिटल माध्यम से मानव तस्करी एआई के दुरुपयोग पर जतायी चिंता कटिहार भूमिका विहार की ओर से शनिवार को शहर के मिरचाईबाड़ी में स्थित एक होटल में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में अभिलाषा परिवार संस्था ने स्थानीय आयोजक की भूमिका निभायी. कार्यशाला में सीमांचल क्षेत्र के कटिहार, पूर्णिया, अररिया एवं किशनगंज जिलों से लगभग 100 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए. जिनमें स्थानीय संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं दुर्गा जत्था की किशोरियां प्रमुख रूप से शामिल रहे. मानव तस्करी, बदलते स्वरूप में हो रही डिजिटल माध्यमों से तस्करी, एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के दुरुपयोग तथा इसके बच्चों एवं युवाओं के जीवन पर पड़ने वाले नाकारात्मक प्रभावों पर गंभीर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला संचालन अभिलाषा परिवार के सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया. भूमिका विहार की निदेशक शिल्पी सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, वर्तमान सामाजिक चुनौतियों और सामुदायिक जागरूकता की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला. जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह ने कहा कि गांव-गांव जाकर बच्चों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कमलेश ने सरकार द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त अभियान ””आशा”” की जानकारी साझा किया. जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक रवि शंकर तिवारी ने मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने का संदेश दिया और यह पहचानने की आवश्यकता पर जोर दिया कि कौन बहला-फुसला रहा है. शिक्षा विभाग डीपीओ रवि रंजन ने बच्चों की शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि विद्यालयों में भी इन विषयों पर खुली चर्चा होनी चाहिए. इंस्पेक्टर सैयद आलम ने बताया कि कई मामलों में बच्चे केवल ऑनलाइन बातचीत के आधार पर घर छोड़ देते है. उन्होंने कानूनी व सामाजिक प्रयासों के साथ-साथ अभिभावकों को भी डिजिटल ठगों से सतर्क करने की आवश्यकता पर जोर दिया. इस अवसर पर खुशबू और नंदनी को उनके समाज में रोल मॉडल बनने तथा परिवार की पहली स्नातक होने के लिए दस हजार रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया. बाल अधिकार विशेषज्ञ सुनील, जिला पंचायती राज कार्यालय के मित्तल कुमार सहित कई प्रतिनिधियों ने विचार प्रकट किया.

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