एमजेएम कॉलेज में विज्ञान संकाय शुरू करने को जांच टीम के निरीक्षण पर सवाल

पूर्णिया विवि के अंगीभूत इकाई एमजेएम महिला कॉलेज में विज्ञान व वाणिज्य संकाय शुरू करने को लेकर एक दिन पूर्व आयी विवि स्तर से जांच टीम के निरीक्षण पर दूसरे दिन से सवाल उठाना शुरू हो गया.
जांच टीम के आदर सत्कार व तामझाम में राशि खर्च करने पर छात्र संगठनों ने मुखर की आवाज
कटिहार. एमजेएम महिला कॉलेज एक अंगीभूत इकाई है. पूर्णिया विवि के अंगीभूत इकाई एमजेएम महिला कॉलेज में विज्ञान व वाणिज्य संकाय शुरू करने को लेकर एक दिन पूर्व आयी विवि स्तर से जांच टीम के निरीक्षण पर दूसरे दिन से सवाल उठाना शुरू हो गया. शिक्षाविदों व अलग-अलग छात्र संगठनों ने विज्ञान संकाय शुरू करने के लिए जांच टीम द्वारा जांच करने और कॉलेज प्रशासन के द्वारा जांच टीम के सदस्यों का आदर सत्कार व तामझाम में खर्च राशि को लेकर आवाज मुखर किया है. कई कॉलेज के शिक्षाविदों व अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विक्रांत सिंह, एनएसयूआई के अमित पासवान समेत अन्य का कहना है कि पूर्णिया विवि द्वारा पूर्व कुलपति द्वारा गलत परंपरा की शुरूआत की गयी थी. उस पर विराम लगाने की जरूरत है. ऐसा इसलिए कि किसी भी अंगीभूत इकाई में संकाय शुरू करने के लिए कॉलेज प्रशासन द्वारा विवि प्रशासन को प्रस्ताव भेजी जाती है. छात्र-छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए यह कार्य स्थानीय सांसद, विधायक, विधान पार्षद द्वारा सरकार को अंगीभूत इकाई में संकाय विषय चालू कराने के लिए प्रपोजल भेजे जाने का प्रावधान है. इसके बाद सरकार व राजभवन द्वारा इस पर निर्णय लेते हुए उक्त अंगीभूत इकाई में अनुमति प्रदान किया जा सकता है. बायसी व धमदाहा में डिग्री कॉलेज खुलना एक उदाहरण है. अंगीभूत इकाई में संकाय व विषय चालू कराने के लिए केवल अनुमति की जरूरत होती है. अंगीभूत इकाई एमजेएम महिला कॉलेज प्रशासन द्वारा विवि को एफीलिएशन फी जमा करना नियम के विरूद्ध है. एफीलिएटेड कॉलेज के लिए एफीलिएशन की आवश्यकता है. इसके लिए एफीलिएशन फी जमा करने का प्रावधान है.जांच के बाद गगनचुंबी होटल में आदर सत्कार
अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विक्रांत सिंह, एनएसयूआई के अमित पासवान ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एमजेएम महिला कॉलेज की स्थिति दयनीय है. जर्जर भवन, व्यवस्था में सुधार की मांग पर एमजेएम कॉलेज प्रशासन द्वारा कॉलेज फंड में राशि नहीं रहने का रोना रोया जाता है. ऐसे में अंगीभूत इकाई होने पर नियम के विरूद्ध एफीलिएशन फी विवि को जमा किया गया है. यह उच्चस्तरीय जांच का मामला है. पांच सदस्यीय जांच टीम के द्वारा जांच के बाद उनलोगों का आदर भाव गगनचुंबी होटल में किया गया. साथ में कॉलेज के कर्मचारियों व प्राध्यापक भी शामिल रहें. जिसमें केवल भोजन मद में मोटी राशि खर्च की गयी. उनलोगों ने कुलपति से मांग किया है कि अगर महिला कॉलेज में किसी तरह की कोई आंतरिक श्रोत के मद में राशि नहीं है तो किस मद से जांच टीम व प्राध्यापकों व कर्मचारियों को भोजन के मद में मोटी राशि खर्च की गयी.
अंगीभूत इकाई में संकाय व विषय चालू कराने के लिए एफीलिएशन फी जमा करना नियम के विरूद्ध है. एफिलेटेड कॉलेज में एफीलिएशन के लिए फी जमा किये जाने का प्रावधान है. एमजेएम महिला कॉलेज एक अंगीभूत इकाई है. इसमें कोर्स व संकाय चालू कराने के लिए सरकार से केवल अनुमति की जरूरत होती है. इसके लिए विवि स्तर से प्रपोजल भेजा जाता है. इसके बाद शिक्षकों का पद स्वीकृत किया जाता है. यह सरकार की ओर से किया जाता है. अगर एमजेएम महिला कॉलेज प्रशासन द्वारा एफीलिएशन फी जमा किया गया है तो यह गलत है. बहरहाल यह मामला विवि प्रशासन का है.डॉ नरेन्द्र कुमार, एफओ, पीयूB
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