भौनगर के मुखिया ने 3 प्राथमिक विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण: पढ़ाई और एमडीएम पर जताया संतोष

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फोटो कैप्शन: निरीक्षण करते मुखिया सत्यनारायण यादव | Prabhat Khabar Network

निरीक्षण करते मुखिया सत्यनारायण यादव | Prabhat Khabar Network

कटिहार जिले के मुखिया सत्यनारायण यादव ने तीन प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर संतोष जताया. हालांकि, स्कूलों में बेंच-डेस्क और चारदीवारी की कमी ने चिंता बढ़ा दी.

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कटिहार जिले के बारसोई अनुमंडल अंतर्गत बलिया बेलौन क्षेत्र की ग्राम पंचायत भौनगर के मुखिया सत्यनारायण यादव इन दिनों एक्शन मोड में हैं. शुक्रवार को मुखिया ने क्षेत्र के तीन विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया. इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर पठन-पाठन की स्थिति को परखा, मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता देखी और परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया.

स्कूलों में पहुंचे मुखिया, बच्चों से पूछे पढ़ाई के सवाल

मुखिया सत्यनारायण यादव ने अपने औचक भ्रमण के दौरान क्षेत्र के तीन प्रमुख स्कूलों का रुख किया:

  1. प्राथमिक विद्यालय भौनगर
  2. प्राथमिक विद्यालय सैयद टोला रसलपुर
  3. प्राथमिक विद्यालय बालूगंज

निरीक्षण के दौरान मुखिया सीधे कक्षाओं के भीतर दाखिल हुए और ब्लैकबोर्ड के समीप जाकर छात्र-छात्राओं से उनकी पढ़ाई और पाठ्यक्रमों से जुड़े कई सवाल पूछे. बच्चों द्वारा दिए गए त्वरित और सही जवाबों को देखकर मुखिया ने पठन-पाठन के स्तर को काफी संतोषजनक बताया. उन्होंने शिक्षा विभाग की पीठ थपथपाते हुए कहा कि हाल के दिनों में सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था में व्यापक और सकारात्मक सुधार देखने को मिला है, जिसका सीधा और वास्तविक लाभ ग्रामीण क्षेत्र के गरीब बच्चों को मिल रहा है.

प्राचार्यों ने उठाया संसाधनों का मुद्दा: बेंच-डेस्क और बाउंड्री वॉल की कमी

निरीक्षण के दौरान जहां एक तरफ शैक्षणिक माहौल बेहतर मिला, वहीं दूसरी तरफ स्कूलों की बुनियादी ढांचागत (इंफ्रास्ट्रक्चर) कमियां भी खुलकर सामने आईं.

तीनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों (HM) और शिक्षकों ने मुखिया के समक्ष संसाधनों की घोर कमी का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया. प्राचार्यों ने बताया कि:

  • बैठने की असुविधा: स्कूलों में पर्याप्त संख्या में बेंच-डेस्क उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण छोटे बच्चों को टाट-पट्टी पर या जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है.
  • सुरक्षा का संकट: विद्यालयों में चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) नहीं होने के कारण स्कूल परिसर असुरक्षित रहता है और बाहरी हस्तक्षेप बना रहता है.

मुखिया ने दिया आश्वासन, सूची तलब की

इस दौरान स्कूल परिसर में कई स्थानीय अभिभावक भी एकत्र हो गए थे, जिन्होंने प्राचार्यों की मांग का समर्थन किया. मुखिया सत्यनारायण यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही प्रधानाध्यापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि वे अपने-अपने विद्यालयों में चहारदीवारी, कमरों की मरम्मत और बेंच-डेस्क जैसी आवश्यक कमियों की एक विस्तृत और बिंदुवार सूची (प्रस्ताव) तैयार करें. इस सूची को अविलंब पंचायत सचिवालय और प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालय को भेजा जाए, ताकि पंचायत फंड अथवा राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वय से इन समस्याओं का जल्द से जल्द स्थाई समाधान कराया जा सके.


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राजकिशोर

लेखक के बारे में

By राजकिशोर

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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