महापर्व: 600 से अधिक छठ घाटों पर रहेगी प्रशासन की रहेगी विशेष नजर

महापर्व: 600 से अधिक छठ घाटों पर रहेगी प्रशासन की रहेगी विशेष नजर
– आज से दंडाधिकारी के साथ सुरक्षा बलों की हो जाएगी तैनात कटिहार जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लोक आस्था का महापर्व छठ को लेकर प्रशासनिक तैयारी पूरी हो चुकी है. जिले में करीब छोटे- बड़े 1500 से अधिक घाटों में छठ पर्व मनाया जाएगा. जिला प्रशासन ने आठ दर्जन से अधिक घाटों को संवेदनशील व अतिसंवेदनशील के रूप में चिन्हित कर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है. दूसरी तरफ छठ घाटों की तैयारी को भी अंतिम रूप देने में श्रद्धालु एवं उनके परिजन जुट गये हैं. जिला प्रशासन ने भी शांतिपूर्ण एवं परंपरागत तरीके से छठ पर्व मनाने को लेकर अपनी तैयारी को भी अंतिम रूप दे दिया है. जिले के सभी छठ घाटों पर पुलिस बल के साथ दंडाधिकारी की तैनाती करने संबंधी आदेश जारी कर दिया है. जिला पदाधिकारी मनेश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी की ओर से इस आशय से संबंधित संयुक्त आदेश जारी किया गया है. संयुक्त आदेश के अनुसार सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के 623 छठ घाटों पर सुरक्षाबलों के साथ दंडाधिकारी की तैनाती की गयी है. पुलिस एवं दंडाधिकारी की तैनाती रविवार से मंगलवार के अपराह्न तक रहेगी. साथ ही जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. संयुक्त आदेश में कई तरह के दिशा निर्देश के अनुपालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है. डीएम व एसपी की ओर से जारी संयुक्त आदेश में यह भी कहा है कि छठ घाट एवं नदी किनारे पटाखे एवं आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक रहेगी. छठ घाट पर जहां छठ व्रती एवं श्रद्धालु पूजा-अर्चना में तल्लीन रहते है. ऐसे जगहों पर मंगलवार तक आतिशबाजी एवं पटाखे छोड़ने पर प्रतिबंध रहेगी. चचरी वाले घाट पर भी विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है. मोटर बोट, गोताखोर एवं तैराक की व्यवस्था संबंधी निर्देश संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दिया गया है. छठ घाट पर आतिशबाजी व पटाखा छोड़ने पर होगी कार्रवाई जिला प्रशासन ने राज्य सरकार के निर्देश पर सभी छठ घाटों पर आतिशबाजी एवं पटाखे छोड़ने पर रोक लगा दी है. जिला प्रशासन ने अपने संयुक्त आदेश में कहा है कि नदी, तालाब, पोखर आदि में छठ घाट बनाया जाता है. छठ घाट में पटाखा छोड़ने एवं आतिशबाजी करने पर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. ऐसे में एहतियात के तौर पर यह निर्देशित किया है कि किसी भी छठ घाट एवं पानी वाले जगह पर आतिशबाजी एवं पटाखा छोड़ने पर पूरी तरह रोक रहेगी. किसी भी तरह की आतिशबाजी एवं पटाखा छोड़े जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है. प्रशासन की कोशिश है कि शांतिपूर्ण, स्वच्छ एवं दुर्घटना रहित वातावरण में सूर्योपासना का महापर्व छठ संपन्न कराया जाय. इसी उद्देश्य से कई तरह की तैयारियां प्रशासन की ओर से करने का निर्देश दिया गया है. शरारती तत्वों पर रहेगी नजर जिला प्रशासन ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं सुरक्षा बलों को यह भी निर्देश दिया है कि पर्व त्यौहार के समय शरारती तत्व सक्रिय हो जाते है. ऐसे में शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाय. जिससे निर्विघ्न तरीके से लोक आस्था का महापर्व छठ संपन्न करायी जा सके. आदेश में कहा है कि स्वच्छ एवं शांतिपूर्ण वातावरण में छठ महापर्व कराना जिला प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की सहभागिता भी आवश्यक है. आम लोग भी इस अनुष्ठान प्रक्रिया में प्रशासन को सहयोग करें. किसी भी तरह की शरारती तत्वों की सूचना जिला नियंत्रण कक्ष या प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस अधिकारी को अनिवार्य रूप से दें. जिससे समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके. हाल के कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए आदेश में कहा गया है कि कुछ उपद्रवी तत्व अशांति फैलाना चाहते है. ऐसे उपद्रवी तत्वों के मंसूबों को समाप्त करना जरूरी है. सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किये तो खैर नहीं जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि लोक आस्था का महापर्व जिले के विभिन्न छोटे-बड़े छठ घाट पर किया जाता है. छठ घाट तथा उसके आसपास या विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर किसी तरह की आपत्तिजनक चीज लिखा हुआ या अन्य तरीके से मिला तो उसकी तत्काल सूचना जिला प्रशासन के अधिकारी को दें. संबंधित स्थानों पर तैनात अधिकारी एवं पुलिस बलों को इस पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर सोशल मीडिया यथा फेसबुक, व्हाट्सएप्प व ट्विटर आदि के जरिये किसी भी तरह के आपत्तिजनक पोस्ट किया गया तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. किसी भी सूरत में विधि व्यवस्था को भंग करने नहीं दिया जायेगा. पुलिस प्रशासन के अधिकारी सोशल मीडिया पर खासतौर पर नजर रखेंगे. इसके अतिरिक्त असामाजिक तत्वों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है. चचरी पुल वाले घाटों पर रहेगी विशेष नजर जिले के कई क्षेत्रों में नदी एवं तालाब में चचरी का पुल बनाया गया है. चचरी पुल पार करके छठ वर्ती घाट तक पहुंचते है. ऐसे में डीएम व एसपी की ओर से जारी आदेश में सभी एसडीओ एवं एसडीपीओ व थाना अध्यक्षों को यह निर्देश दिया गया है कि अपने अपने क्षेत्र के चचरी पुल वाले घाटों पर विशेष निगरानी रखें. स्थानीय व्यवस्था के तहत ऐसे चचरी पुल को दुरुस्त कराएं. जिससे छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं को आने जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो. साथ ही ऐसे चचरी पुल वाले छठ घाट में पुलिस बल, चौकीदार, दफादार को भी तैनाती करें. जिससे किसी भी तरह की आपात स्थिति की सूचना ससमय प्रशासन को मिल सके. एहतियात के तौर पर गश्ती करने का भी निर्देश दिया गया है. जिला नियंत्रण कक्ष में दें सूचना विधि व्यवस्था बनाये रखने को लेकर जिला स्तर पर समाहरणालय में जिला नियंत्रण कक्ष में स्थापित की गयी है. यह नियंत्रण कक्ष शनिवार से मंगलवार तक 24 घंटे काम करेगा. पालीवार अधिकारी व कर्मचारी की तैनाती की गयी है. जिला नियंत्रण कक्ष के प्रभारी के रूप में जिला कला संस्कृति पदाधिकारी कुमारी रीना गुप्ता एवं होमगार्ड के जिला समादेष्टा गौतम कुमार को तैनात किया है. जिला नियंत्रण कक्ष में दूरभाष संख्या 06452- 242400, 239025 व 249026 काम करेगा. किसी भी तरह की सूचना इस नंबर पर दिया जा सकता है.
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