मन के तमोगुण के प्रभाव को कम करने के लिए कीर्तन जरूरी

Updated at : 09 Oct 2025 7:08 PM (IST)
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मन के तमोगुण के प्रभाव को कम करने के लिए कीर्तन जरूरी

मन के तमोगुण के प्रभाव को कम करने के लिए कीर्तन जरूरी

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कटिहार आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से कटिहार सहित अन्य जगहों पर बाबा नाम केवलम् कीर्तन का गायन किया. जूम ऐप के माध्यम से 24 घंटे का अखंड कीर्तन 9 अक्तूबर को संपन्न हुआ. सम्पूर्ण ब्रह्मांड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. क्योंकि यह अष्टाक्षरी सिद्ध महामंत्र बाबा नाम केवलम् जिसे सद्गुरु आनंदमूर्ति जी ने 8 अक्तूबर 1970 को अमझरिया, लातेहार जिला, झारखंड, भारत में स्थापित किया था. आठ अक्षरों वाला यह शक्तिशाली और सार्वभौमिक मंत्र, सार्वभौमिक प्रेम का सार है. दुनिया भर के आध्यात्मिक साधकों द्वारा इसका अभ्यास किया जाता है. आचार्य ब्रजगोपालानंद अवधूत ने आध्यात्मिक उद्बोधन में कहा की ईश्वर की प्राप्ति के सुगम साधन कीर्तन है. कीर्तन, भक्ति और ध्यान का अद्वितीय माध्यम है. एक व्यक्ति ईश्वर के साथ गहरा संवाद स्थापित कर सकता है. कीर्तन की शक्ति व्यक्ति को अविरल ध्यान, स्थिरता और आनंद की अनुभूति देती है. यह एक अद्वितीय विधि है जो हमें मन, शरीर व आत्मा के संगम के अनुभव को आदर्श दर्शाती है.

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