कटिहार के कोढ़ा डिग्री कॉलेज में सिर्फ 2 शिक्षक, 138 छात्रों की पढ़ाई भगवान भरोसे

खाली परा क्लास रूम का फोटो | Prabhat Khabar Network
katihar News: कोढ़ा का राजकीय डिग्री कॉलेज अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है. 138 नामांकित विद्यार्थियों के लिए सिर्फ दो शिक्षक उपलब्ध हैं, जिससे नियमित पढ़ाई ठप हो गई है. छात्रों का भविष्य अधर में लटका है.
katihar News: ग्रामीण छात्रों को घर के पास उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालय, कोढ़ा आज खुद संसाधनों और शिक्षकों के गंभीर संकट से जूझ रहा है. कॉलेज में 138 छात्र-छात्राओं का नामांकन है, लेकिन नियमित पढ़ाई लगभग ठप है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे महाविद्यालय में केवल दो शिक्षक कार्यरत हैं और वे भी सिर्फ अंग्रेजी विषय के लिए. ऐसे में बाकी विषयों के विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है.
6 विषय, लेकिन पढ़ाने के लिए सिर्फ 2 शिक्षक. कैसे चलेगी पढ़ाई?
कॉलेज में कुल 79 छात्राएं और 59 छात्र नामांकित हैं. यहां इतिहास, हिंदी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी समेत छह विषयों में नामांकन होता है, लेकिन अधिकांश विषयों के लिए शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हैं. इतिहास, हिंदी, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे प्रमुख विषय बिना शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं.
कॉलेज पहुंचने वाले छात्रों को कक्षाओं की जगह खाली कमरे और इंतजार ही मिलता है. इतिहास प्रतिष्ठा की कक्षा में केवल तीन छात्राएं मौजूद मिलीं, लेकिन शिक्षक नहीं आने के कारण उन्हें बिना पढ़ाई किए वापस लौटना पड़ा. यही स्थिति अन्य विषयों में भी बनी हुई है.
तीन कमरों में चल रहा पूरा डिग्री कॉलेज
महाविद्यालय का अपना भवन भी नहीं है. फिलहाल यह प्लस टू उत्क्रमित उच्च विद्यालय, शिशिया के केवल तीन कमरों में संचालित हो रहा है. एक कमरे में प्राचार्य कक्ष और कार्यालय है, जबकि दूसरे सीमित स्थान में सभी कक्षाएं संचालित करने की कोशिश की जाती है.
कॉलेज में पर्याप्त फर्नीचर, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का भी अभाव है. ऐसे में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का सपना अधूरा नजर आ रहा है.
छात्र बोले- बड़े सपने लेकर आए थे, अब भविष्य की चिंता
छात्र-छात्राओं का कहना है कि उन्होंने बेहतर शिक्षा की उम्मीद से कॉलेज में नामांकन कराया था, लेकिन नियमित कक्षाएं नहीं होने से पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं और आगे की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं.
katihar News: प्राचार्य ने भी मानी शिक्षकों और संसाधनों की कमी
कॉलेज के प्राचार्य सीके मिश्रा ने स्वीकार किया कि शिक्षकों की भारी कमी है. उन्होंने बताया कि बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन पुस्तकालय, फर्नीचर और शिक्षकों का गंभीर अभाव है. सभी विषयों का संचालन सुचारु रूप से करने के लिए कम से कम 10 शिक्षकों की आवश्यकता है.
यदि जल्द नियुक्तियां नहीं हुईं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए, तो 138 विद्यार्थियों की पढ़ाई लगातार प्रभावित होती रहेगी और ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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