पनामा विल्ट के बाद मत्स्य पालन बना किसानों का सहारा, सालाना लाखों रुपये कमा रहे किसान

फलका में तालाब से मछली निकालते किसान
Katihar Fish Farming: वर्तमान में फलका प्रखंड के दर्जनों किसान और युवा उद्यमी लगभग 70 से 80 एकड़ क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन कर रहे हैं. युवा किसान अमित वत्सल ने अपनी पांच एकड़ भूमि में दो बड़े तालाब बनाकर सफल मत्स्य पालन की मिसाल पेश की है.
कटिहार के फलका से अली अहमद की रिपोर्ट:
Katihar Fish Farming: कहते हैं कि मेहनत, दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प से विपरीत परिस्थितियों को भी अवसर में बदला जा सकता है. कटिहार जिले के फलका प्रखंड के किसानों ने इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है. कभी केला, धान और मक्का जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने वाले किसान आज मत्स्य पालन के जरिए आत्मनिर्भर बन रहे हैं और सालाना लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं.
फलका क्षेत्र एक समय केला उत्पादन के लिए जाना जाता था, लेकिन पनामा विल्ट नामक घातक बीमारी ने यहां की केले की खेती को भारी नुकसान पहुंचाया. बीमारी के कारण हजारों एकड़ में फैले केले के बागान प्रभावित हुए और किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया. ऐसे समय में कई किसानों ने नए विकल्प की तलाश करते हुए मत्स्य पालन को अपनाया.
70 से 80 एकड़ में हो रहा वैज्ञानिक मत्स्य पालन
वर्तमान में फलका प्रखंड के दर्जनों किसान और युवा उद्यमी लगभग 70 से 80 एकड़ क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन कर रहे हैं. युवा किसान अमित वत्सल ने अपनी पांच एकड़ भूमि में दो बड़े तालाब बनाकर सफल मत्स्य पालन की मिसाल पेश की है.
इसके अलावा वसीम राजा, सुनील कुमार गुप्ता, मो. शमसेर आलम, राघव सिंह, शंकर सिंह, मो. आजाद, मो. इबरार आलम, मो. जियाउल, मनोज कुमार और वकील अहमद सहित कई किसान देसी एवं विदेशी प्रजाति की मछलियों का उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं.
सरकारी योजनाओं से मिला बढ़ावा
किसानों का कहना है कि मत्स्य विभाग और सरकार की विभिन्न योजनाओं से उन्हें लगातार सहयोग मिल रहा है. तालाब निर्माण, मछली बीज और मछली आहार पर मिलने वाली सब्सिडी ने इस व्यवसाय को नई गति दी है. इससे उत्पादन लागत में कमी आई है और मुनाफा बढ़ा है.
प्रगतिशील किसान अमित वत्सल का कहना है कि केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहना अब जोखिम भरा हो गया है. मौसम की अनिश्चितता और फसलों में लगने वाली बीमारियों के कारण नुकसान की आशंका बनी रहती है. ऐसे में मत्स्य पालन किसानों के लिए आय का बेहतर विकल्प साबित हो रहा है.
प्रशिक्षण से मिल रही नई तकनीक की जानकारी
प्रखंड कृषि पदाधिकारी सौरव कुमार ने बताया कि किसानों के कौशल विकास के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इसके साथ ही आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के लिए किसानों को आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी भेजा जाता है, जहां वे उन्नत मत्स्य पालन की तकनीक सीखकर अपने क्षेत्र में लागू कर रहे हैं.
युवाओं के लिए बन रही प्रेरणा
फलका के किसानों की यह सफलता अब आसपास के गांवों के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है. मत्स्य पालन के बढ़ते रुझान ने न केवल किसानों की आय बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shruti Kumari
श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










