बारसोई कड़ाके की ठंड के बीच बारसोई प्रखंड में अलाव की व्यवस्था नहीं होने को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी की महिला नेत्री सीमा उमेश यादव ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि पूरे प्रखंड में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है. जिससे आमजन विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और राहगीर ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं. सीमा उमेश यादव ने कहा कि सरकार और प्रशासन शीतलहर से बचाव के दावे तो करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है. सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों, ऑटो स्टैंड, बाजार और पंचायत मुख्यालयों पर अलाव की अनुपस्थिति प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है. उन्होंने यह भी कहा कि गरीब और असहाय वर्ग के लिए ठंड जानलेवा साबित हो सकती है. ऐसे में समय रहते ठोस कदम उठाना अनिवार्य है. उन्होंने मांग की कि तत्काल प्रभाव से प्रखंड के सभी प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाय. रात्रि में निगरानी बढ़ाई जाए तथा जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण सुनिश्चित किया जाय. साथ ही ठंड से होने वाली संभावित घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया जाय. इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. स्थानीय लोगों ने भी शीघ्र व्यवस्था नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.
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