कोढ़ा की बेटियां, मूर्ति निर्माण से संवार रहीं परिवार की तकदीर

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कोढ़ा की बेटियां, मूर्ति निर्माण से संवार रहीं परिवार की तकदीर

कोढ़ा की बेटियां, मूर्ति निर्माण से संवार रहीं परिवार की तकदीर

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कोढ़ा आज के दौर में महिलाएं जीवन के हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता व स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही हैं. वे अब किसी भी मायने में कमजोर नहीं, बल्कि पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़ रही हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीति, गृहस्थी, साहित्य, कला हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी प्रेरणास्रोत बनती जा रही है. ऐसी ही एक प्रेरक मिसाल कोढ़ा प्रखंड क्षेत्र के महिनाथपुर पंचायत से सामने आयी है. जहां कलान्द मंडल की दो बेटियां मनीषा और रीमा मूर्ति निर्माण कला में अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय दे रही हैं. वर्षों से वे अपने पिता के साथ मिलकर देवी-देवताओं की आकर्षक और कलात्मक प्रतिमाओं का निर्माण कर न केवल पारिवारिक आजीविका को मजबूत कर रही हैं. बल्कि आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान भी बना रही हैं. मनीषा और रीमा ने बताया कि बचपन में ही उनकी माता का देहांत हो गया था. परिवार में चार बहनें और पिता ही रह गये. पिता की तबीयत भी अक्सर खराब रहने लगी. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बेटियों की पढ़ाई और पालन-पोषण में कोई कमी नहीं आने दी. ऐसे कठिन समय में बेटियों ने अपने पिता के पुश्तैनी पेशे मूर्ति निर्माण में हाथ बंटाना शुरू किया. मेहनत, लगन और आत्मविश्वास का नतीजा यह हुआ कि आज मनीषा और रीमा स्वयं सुंदर और कलात्मक प्रतिमाएं गढ़ने में निपुण हो चुकी हैं. इससे न सिर्फ परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान और पहचान भी मिली.यह बातें दोनों बहनों ने कोढ़ा नगर पंचायत के मुख्य चौक, गेड़ाबाड़ी स्थित पुराने अस्पताल के सामने माता सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम रूप देते समय कही. उनके पिता कलान्द मालाकार ने गर्व के साथ कहा कि उनकी बेटियों का इस काम में अहम योगदान रहा है. बेटियों की बदौलत ही वे उन्हें पढ़ा-लिखा भी पाये. उन्होंने कहा कि मूर्ति निर्माण का कार्य हर त्योहार में अच्छी आमदनी देता है. उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को कभी बोझ या कमतर नहीं समझना चाहिए. यदि उन्हें अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो वे हर काम को पूरी निपुणता और जिम्मेदारी के साथ कर सकती हैं.

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राजकिशोर

लेखक के बारे में

By राजकिशोर

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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