देसी उद्योग को पूंजीपतियों के हाथों सौंपने की तैयारी में है सरकार: सीटू

Updated at : 11 May 2025 6:43 PM (IST)
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देसी उद्योग को पूंजीपतियों के हाथों सौंपने की तैयारी में है सरकार: सीटू

देसी उद्योग को पूंजीपतियों के हाथों सौंपने की तैयारी में है सरकार: सीटू

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– जिला ऑटो एसोसिएशन का वार्षिक जिला सम्मेलन का उद्घाटन कटिहार शहर के शहीद चौक समीप पुराना बस स्टेंड परिसर में रविवार को बिहार स्टेट ऑटो चालक संघ (सीटू) की जिला इकाई जिला ऑटो एसोसिएशन कटिहार का वार्षिक सम्मेलन आयोजित की गयी. उद्घाटन बिहार स्टेट ऑटो चालक संघ (सीटू)के महासचिव कामरेड राजकुमार झा ने किया. सीटू बिहार के उपाध्यक्ष कामरेड अरुण मिश्रा मुख्य रूप से उपस्थित थे. सम्मेलन की अध्यक्षता जिला ऑटो एसोसिएशन कटिहार के अध्यक्ष अजीत कुमार ने की. सम्मेलन के शुरुआत में हाल ही में दिवंगत हुए बिहार स्टेट ऑटो चालक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष कामरेड चंचल मुखर्जी एवं जिला ऑटो एसोसिएशन के अध्यक्ष कामरेड वारिस हुसैन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया. उसके बाद जिला ऑटो एसोसिएशन के महासचिव टुनटुन यादव ने पिछले वर्ष के कार्यों की रिपोर्ट पेश की. जिसका सभी लोगों ने सहर्ष समर्थन किया. सम्मेलन सभा को संबोधित करते हुए कामरेड राजकुमार झा ने सरकार द्वारा परिवहन उद्योग पर किये जा रहे हमले, वर्तमान एवं संभावित समस्याएं एवं आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा किया. उन्होंने कहा कि हमें अपने रोजगार को बचाने के लिए एकता के साथ संघर्ष को तेज करना होगा. वर्तमान सरकार इस देशी उद्योग को पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने का फार्मूला तैयार कर लिया है. सम्मेलन में अध्यक्ष अजीत कुमार राय, विनोद यादव, अशोक सिंह, अमरेंद्र मल्लिक, टुनटुन यादव, गौतम कुमार घोष सहित एसोसिएशन के कई पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे. नये श्रम कानून के खिलाफ 25 को होगा चक्का जाम सम्मेलन में संगठन के कोषाध्यक्ष कामरेड गौतम घोष ने एक प्रस्ताव पेश किया. ऑटो चालकों की विभिन्न समस्याओं यथा रूट कलर कोडिंग के फैसले को वापस लेने, ऑटो स्टैंडों की समुचित व्यवस्था करने, हिट एंड रन कानून को पूरी तरह से वापस लेने, सामाजिक सुरक्षा कानून को लागू करने, पथ परिवहन सड़क सुरक्षा कानून 2019 को वापस लेने, लाइसेंस बनाने की पक्रिया को प्राइवेट एजेंसियों से वापस लेने, परमिट फेल होने पर 20000 रुपया फाइन को समाप्त करने जैसी समस्याओं के निवारण की मांगों के साथ 20 मई 2025 को पुराने 48 श्रम कानूनों को निरस्त कर भारत सरकार द्वारा नये चार श्रम कानून जो कि मजदूर विरोधी कानून है. उसके खिलाफ देश के सभी सेंट्रल ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत एक दिवसीय आम हड़ताल का समर्थन करने की बात की. जिसको सम्मेलन सभा ने सर्वसम्मति से पास कर दिया और सभी ने एक स्वर में पूरे कटिहार में गाड़ियों का परिचालन ठप करने का संकल्प लिया.

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