– प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा पर हो रहा पहल कटिहार नूतन वर्ष 2026 का चौथा दिन बीत गया है. सोमवार को इस साल का पांचवां दिन है. नये साल के आगे बढ़ने के साथ ही लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी है. लोगों की माने तो यह नया साल बदलाव की तस्वीर लेकर आगे बढ़ रही है. आने वाले समय में कटिहार जिला विकास की नई इबारत लिखेगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब प्रगति यात्रा के क्रम में कटिहार आये थे. तब कटिहार के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थी. मुख्यमंत्री की उन घोषणाओं पर अब काम शुरू हो गया है तथा कुछ काम प्रक्रियाधीन है. लोगों को उम्मीद है कि इस साल उन योजनाओं का कार्य पूरा होगा तथा कटिहार की तस्वीर बदलेगी. पक्षी विहार के रूप में गोगाबिल झील इस साल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा. मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषणा किया था कि 10.22 करोड़ से गोगाबिल झील का विकास किया जायेगा. गोगाबील झील प्रवासी पक्षियों के लिए पारिस्थितकीय रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. गोगाबील झील में स्वीकृत योजना के क्रियान्वयन के फलस्वरूप प्रकृति विज्ञान में अभिरूचि रखने वाले प्राध्यापकों व वैज्ञानिकों एवं पक्षी प्रेमियों को विभिन्न प्रकार के पक्षियों के आगमन, उनके व्यवहार, प्रजनन आदि से संबंधित अध्ययन में सहायता मिलेगी. साथ ही पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के फलस्वरूप यह स्थान पर्यटक मानचित्र पर उभरकर आयेगा, जो इस क्षेत्र के विकास के लिए वरदान स्वरूप होगा एवं इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान होगी. पिछले माह नवंबर 2025 में गोगाबिल झील को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रामसर साईट का दर्जा दिया गया है. वर्ष 2019 में गोगाबिल झील को बिहार के एकमात्र कम्युनिटी रिज़र्व और कन्जेर्वेशन रिजर्व के रूप में घोषित भी किया गया है. गोरखनाथ मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण लोगों को उम्मीद है कि जिले के गोरखनाथ धाम पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा. मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषणा किया था 14.2 करोड़ से गोरखनाथ धाम का विकास होगा. जिले के आजमनगर प्रखंड में बाबा गोरखनाथ धाम शिव मंदिर अवस्थित है. यह मंदिर पौराणिक एवं ऐतिहासिक धार्मिक धरोहर के रूप में प्रसिद्ध है, जो लाखों लोगो के असीम श्रद्धा एवं आस्था का केन्द्र है. कटिहार जिला के अलावा यहां समीपवर्ती जिलों व राज्यों तथा पडोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए आते है. महाशिवरात्रि एवं श्रावण माह के दौरान यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते है. अन्य दिनों में भी श्रद्धालुओं का आवागमन होता रहता है. आधारभूत सुविधा नहीं रहने के कारण लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है. यह मंदिर बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड पटना द्वारा निबंधित है. आजमनगर प्रखंड स्थित बाबा गोरखनाथ धाम मंदिर में सांस्कृतिक-धार्मिक पर्यटकीय संरचनाओं के विकास के दृष्टिकोण से मंदिर न्यास परिषद के पास कुल 13 एकड़ 42 डी 748 वर्गकड़ी भूमि उपलब्ध है. गोरखनाथ धाम मंदिर के संरक्षण एवं पर्यटकीय संरचनाओं के निर्माण से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी एवं उन्हें दर्शन एवं ठहराव के लिए कठिनाईओं का सामना नहीं करना पड़ेगा. पर्यटन के दृष्टिकोण से इस क्षेत्र की प्रसिद्धि होगी एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान होगी.
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