12.9 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

नदी जगाने के नाम पर लूटी जा रही मछली, प्रशासन मौन

नदी जगाने के नाम पर लूटी जा रही मछली, प्रशासन मौन

– मुकदर्शक बनी हुई है प्रशासन डंडखोरा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों मछली पालकों एवं मखाना खेती करने वाले किसानों के बीच दहशत का माहौल है. सिरुवा पर्व में नदी जगाने के नाम पर सरकारी एवं निजी तालाबों में घुसकर लाखों की मछली सोमवार को लूट ली गयी. जिले के डंडखोरा थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित तालाब में सैंकड़ों की तादाद में घुसकर लोगों ने मछली लूट ली. लोगों के अनुसार पिछले दो दिन से यहां मछली लूट की घटना हो रही है. मछली पालक बेबस व लाचार हैं. विभिन्न क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में लोग जबरदस्ती सरकारी व निजी तालाबों में घुसकर मछली का शिकार कर लिये. पुलिस एवं प्रशासन मुकदर्शक बनी रही. नदी जगाने के नाम पर अवैध रूप से सामूहिक तरीके से मछली का शिकार करने की यह परंपरा पिछले कई वर्षों से चली आ रही है. पिछले कई दिन से नदी व तालाबों में घुसकर मछली लूटने का मामला चल रहा है. पर अब तक किसी तरह की प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है. मछली पालकों एवं मखाना की खेती करने वालों की माने तो 200 से 500 की संख्या में लोग आते हैं और नदी तालाब जगाने के नाम पर मछली का शिकार करते हैं. जिले के विभिन्न प्रखंडों में मत्स्यजीवी सहयोग समिति के द्वारा सरकारी नदी- तालाब में मछली- मखाना की खेती की जाती है. विभाग के द्वारा राजस्व के आधार पर समिति को सरकारी नदी तालाब बंदोबस्ती पर दी जाती है. उस तालाब में समिति सदस्य मछली पालन एवं मखाना लगाते है. सिरुवा पर्व पर नदी जगाने के नाम पर तालाब एवं नदियों को लूट ली जा रही है. तालाब का बीमा नहीं होने की वजह से नुकसान उठाना पड़ता है. यह बात जिला मत्स्य पदाधिकारी के संज्ञान में भी है. लेकिन अब तक किसी तरह की कारवाई प्रशासनिक स्तर से नहीं हुई है. परंपरा के नाम पर कब तक लूटते रहेंगे मछली पालक ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी एवं निजी तालाब नदी के मालिकों की इन दिनों नींद हराम हो गयी है. दरअसल सिरवा पर्व पर नदी जगाने के नाम पर सामूहिक रूप से लोग इकट्ठा होकर नदी में पहुंच जाते है तथा मछली का शिकार करते है. तालाब से अधिकांश मछली का शिकार जब तक नहीं कर लेते, तब तक लोग नहीं जाते है. यह संगठित अवैध रूप से नदियों से मछली लूटने की घटना सोमवार को भी हुआ. अवैध तरीके से मछली लूट की घटना की रोकथाम को लेकर अब तक प्रशासनिक स्तर से कोई पहल नहीं हुई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel