जिले में चाय खेती पर पहली बार किसानों को मिलेगा अनुदान

Updated at : 01 Jul 2025 7:57 PM (IST)
विज्ञापन
जिले में चाय खेती पर पहली बार किसानों को मिलेगा अनुदान

जिले में पहली बार चाय खेती पर कृषकाें को विभाग अनुदान देगी. चाय विकास योजना के तहत जिले को इस बार दो हेक्टेयर में चाय खेती का लक्ष्य मिला है.

विज्ञापन

चाय विकास योजना के तहत जिले को दो हेक्टेयर में चाय खेती का मिला लक्ष्य

अनुदान मिलने से चाय खेती करने वाले कृषकों को मिलेगा लाभ

पूर्व में चार एकड़ में बारसोई व आजमनगर के कृषक कर रहे चाय की खेती

कटिहार. जिले में पहली बार चाय खेती पर कृषकाें को विभाग अनुदान देगी. चाय विकास योजना के तहत जिले को इस बार दो हेक्टेयर में चाय खेती का लक्ष्य मिला है. अनुदान मिलन से चाय खेती करने वाले कृषकों को इसका विशेष लाभ मिलेगा इससे नकारा नहीं जा सकता है. उद्यान विभाग के कर्मचारियों की माने तो चाय विकास योजना अंतर्गत चाय का नया क्षेत्र विस्तार किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया तथा कटिहार जिला में वित्तीय वर्ष 2025-26 में क्रियान्वित किया जाना है. चाय के क्षेत्र विस्तार के लिए चाय के पौधरोपण सामग्री का क्रय स्वयं कृषक द्वारा किया जायेगा. चाय की खेती करने वाले कृषकों को देय अनुदान किस्तों में 75-25 के अनुसार दिया जायेगा. इस घटक के लिए लाभुक कृषक को द्वितीय किस्त के रूप में पूर्व वर्ष में लगाये गये पौधे का 90 प्रतिशत पौधा जीवित रहने की स्थिति में वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रति हेक्टेयर शेष देय 25 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जायेगा. इस योजना अंतर्गत चाय का नया क्षेत्र विस्तार के लाभुक, अन्य हॉर्टिकल्चर अवयव के लाभ के लिए पात्र नहीं होंगे. मौजूदा चाय बगान के प्रबंधन के लिए लीफ कलेक्शन शेड उपलब्ध कराया जयोगा. इस मशीन को वैसे इच्छुक कृषक जो न्यूनतम पांच हेक्टेयर, दो हेक्टेयर में चाय की खेती कर रहे हाें को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जाना है. लीफ कलेक्शन शेड के लिए वास्तविक मूल्य का पचास प्रतिशत अधिकतम 37 हजार 500 दोनों में से जो कम होगा अनुदान देय होगा.

पूर्व से हो रही दो प्रखंडों में चार एकड़ में चाय की खेती

मालूम हो कि पूर्व से ही जिले के दो प्रखंडों में बारसोई व आजमनगर में चार एकड़ में चाय की खेती होते आ रही है. विभाग द्वारा इसकी खेती पर अनुदान मिलने पर वैसे चाय कृषकों के बीच उत्साह का संचार हो गया है. अनुदान मिलने पर चाय की खेती की ओर कृषकाें का झुकाव होगा. इससे चाय कृषक जहां आर्थिक रूप से मजबूत हाेंगे. दूसरी ओर अब बाजार में चाय आसानी से उपलब्ध हो पायेगा, जिससे चाय के शौकिन लोगों को इससे फायदा होगा. इससे नकारा नहीं जा सकता है.

अलग-अलग जिले को मिला है अलग-अलग लक्ष्य

जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए चाय की खेती को अलग अलग जिले को अलग अलग लक्ष्य विभाग की ओर से मिला है. किशनगंज को करीब ढाई हेक्टेयर, पूर्णिया जिला को पांच हेक्टेयर, अररिया को दो और कटिहार काे दो हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है. चाय पर अनुदान पहली बार विभाग की ओर से देने का प्रावधान दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJKISHOR K

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन