कोढ़ा. प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालय में मंगलवार को नियमित टीकाकरण की प्रगति और चुनौतियों पर चर्चा के लिए ब्लॉक टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी राजकुमार पंडित ने की. जिसमें स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, जीविका और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रखंड में शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करने के लिए रणनीति तैयार करना था. बैठक के दौरान यह बात सामने आयी कि कुछ पंचायतों में टीकाकरण का स्तर अपेक्षाकृत कम है. इसका मुख्य कारण कुछ अभिभावकों में टीके के बाद बच्चों को होने वाले सामान्य बुखार को लेकर व्याप्त डर और भ्रांतियां हैं. इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा करते हुए सभी अभिभावकों से अपील की कि वे इन भ्रांतियों पर ध्यान न दें. अपने बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए सभी टीके समय पर अवश्य लगायें. बीएमसी यूनिसेफ प्रतिनिधि शमायरा परवीन ने कम टीकाकरण कवरेज वाले वार्डों की पहचान कर उनकी सूची बीडीओ को सौंपी. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन चिन्हित पंचायतों में जल्द ही पंचायत स्तर पर मुखिया और वार्ड सदस्यों के साथ विशेष बैठकें आयोजित की जायेगी. बैठक कर समुदाय के सहयोग से लोगों को जागरूक करना और टीकाकरण के महत्व को समझाना है. ताकि 100% टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सके. समाज के सभी बच्चे बीमारियों से सुरक्षित रहें. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमित आर्य ने बताया कि सरकार एक बच्चे के संपूर्ण टीकाकरण पर लगभग 50,000 तक खर्च करती है. ताकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ और सुरक्षित रहें. उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है. उन्होंने सभी अभिभावकों से अपनी जिम्मेदारी को समझने और अपने बच्चों का समय पर टीकाकरण करवाने का आग्रह किया. बैठक में बीएचएम मुकेश कुमार सिंह, एलएस सुगंध कुमारी, साधना कुमारी, प्रियंका भारती, जीविका बीपीएम उत्तराखंड भारती, वीबीडीएस अमरनाथ कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
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