डीएस कॉलेज कटिहार में बीएड पाठ्यक्रम पर मंडराया संकट: बिना शिक्षकों के पांच विषयों की बांटी जा रही डिग्री, विवि प्रशासन की उदासीनता से मान्यता रद्द होने की कगार पर

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 23 May 2026 10:55 AM

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बीएड कॉलेज

पूर्णिया विश्वविद्यालय (Purnea University) की कटिहार जिले में एकमात्र अंगीभूत इकाई दर्शन शाह (डीएस) कॉलेज में संचालित बीएड पाठ्यक्रम का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन की घोर उदासीनता के कारण कॉलेज के बीएड विभाग में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है, जिससे एनसीटीई (NCTE) भुवनेश्वर द्वारा इसकी मान्यता रद्द (डी-एफिलिएशन) किए जाने की तलवार लटक रही है. आलम यह है कि वर्षों से पांच महत्वपूर्ण विषयों में एक भी शिक्षक नहीं है और इसके बावजूद छात्र-छात्राओं को धड़ल्ले से डिग्रियां बांटी जा रही हैं.

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16 की जगह महज 7 शिक्षकों के भरोसे कोरम पूरा; कर्मचारियों के पद भी खाली

आधिकारिक मानकों के अनुसार, डीएस कॉलेज में बीएड की दो यूनिट (कुल 100 सीटें) संचालित होती हैं. नियमों के मुताबिक यहाँ एक विभागाध्यक्ष (HOD) सहित कुल 16 शिक्षकों का होना अनिवार्य है. परंतु, वर्तमान में यह पूरा विभाग महज 7 शिक्षकों के सहारे किसी तरह रेंग रहा है, जबकि 8 विषय पूरी तरह शिक्षक विहीन हो चुके हैं.

उचित मानदेय और वेतन वृद्धि न होने के कारण यहाँ तैनात शिक्षक धीरे-धीरे दूसरे संस्थानों में पलायन कर गए. शिक्षकों के अलावा गैर-शैक्षणिक (स्टाफ) मोर्चे पर भी भारी शून्यता है. तृतीय श्रेणी में लाइब्रेरियन व प्रधान सहायक तथा चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के दो महत्वपूर्ण पद वर्षों से खाली पड़े हैं. शिक्षकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन निजी बीएड कॉलेजों के सिंडिकेट के दबाव में आकर इस सरकारी कॉलेज की बदहाली पर आंखें मूंदे बैठा है.

डीएस कॉलेज बीएड विभाग: स्वीकृत पद बनाम रिक्तियों का पूरा लेखा-जोखा

एनसीटीई के रेगुलेशन के आधार पर आवश्यक पदों और वर्तमान में चल रही रिक्तियों का पूरा विवरण नीचे दी गई सारणी में स्पष्ट किया गया है:

विभाग / विषय का नामकुल आवश्यक पद (नियमत:)वर्तमान स्थिति / रिक्तियों का विवरण
विभागाध्यक्ष (HOD)01 पदकार्यरत
शिक्षा के परिप्रेक्ष्य (Perspective in Education)04 पद03 पद पूरी तरह से रिक्त चल रहे हैं.
हिन्दी शिक्षण (Hindi Pedagogy)विषय श्रेणी के अधीनपूरी तरह रिक्त (एक भी शिक्षक नहीं)
गणित शिक्षण (Math Pedagogy)विषय श्रेणी के अधीनपूरी तरह रिक्त (एक भी शिक्षक नहीं)
भौतिकी विज्ञान शिक्षण (Physics Pedagogy)विषय श्रेणी के अधीनपूरी तरह रिक्त (एक भी शिक्षक नहीं)
अर्थशास्त्र शिक्षण (Economics Pedagogy)विषय श्रेणी के अधीनपूरी तरह रिक्त (एक भी शिक्षक नहीं)
फाइन आर्ट्स (Fine Arts)01 पदपूरी तरह रिक्त (एक भी शिक्षक नहीं)
हेल्थ एवं फिजिकल एजुकेशन / परफॉर्मिंग आर्ट्सस्वीकृत नियमानुसारकेवल कोरम पूरा किया जा रहा है.
थर्ड व फोर्थ ग्रेड कर्मचारी (Staff)स्वीकृत नियमानुसारलाइब्रेरियन, प्रधान सहायक व चतुर्थवर्गीय के 02 पद रिक्त.

जांच के नाम पर राजभवन को भेजी भ्रामक रिपोर्ट, सच छुपाने का आरोप

यह मामला तब और तूल पकड़ गया जब पूर्णिया के जानकीनगर (गंगापुर) निवासी सौरभ कुमार ने डीएस कॉलेज में बीएड शिक्षकों की अवैध या त्रुटिपूर्ण नियुक्ति को लेकर महामहिम राज्यपाल सचिवालय (राजभवन, पटना) के लोकभवन में शिकायत दर्ज कराई थी. राजभवन के कड़े आदेश पर पूर्णिया विवि के कुलसचिव द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट अब खुद चर्चा और विवादों के घेरे में है.

तथ्यों को छुपाने का खेल: विश्वविद्यालय द्वारा रिपोर्ट में कहा गया है कि डीएस कॉलेज के बीएड शिक्षकों की नियुक्ति पूर्णिया विवि की स्थापना के पूर्व की है और इस पर विधिक राय ली जा रही है. जबकि जमीनी हकीकत यह है कि जनवरी 2020 में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा खुद पांच शिक्षकों की नियुक्ति यहाँ की गई थी, जिसमें से अब महज दो शिक्षक ही कॉलेज में शेष बचे हैं. ऐसे में विवि द्वारा खुद के कालखंड में हुई नियुक्तियों से पल्ला झाड़ना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है.

प्राचार्य को कुलपति से मिलकर अवगत कराना चाहिए: कुलसचिव

इस पूरे गंभीर विवाद और शिक्षकों की घोर कमी के मुद्दे पर पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ अखिलेश कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि डीएस कॉलेज बीएड विभाग में शिक्षकों की कमी की समस्या बड़ी है. इसके समाधान के लिए कॉलेज के प्राचार्य को स्वयं कुलपति से मिलकर वस्तुस्थिति से लिखित रूप से अवगत कराना चाहिए, ताकि उसके आलोक में नई नियुक्तियां या प्रतिनियुक्ति कर बीएड पाठ्यक्रम की मान्यता को बचाया जा सके. जहां तक पीयू (पूर्णिया यूनिवर्सिटी) द्वारा पूर्व में पांच शिक्षकों की नियुक्ति किए जाने का सवाल है, मुझे वर्तमान में इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है.

कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट:

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