हरी साग-सब्जियों में अधिक खाद व कीटनाशक का नहीं करें छिड़काव

Published at :05 Feb 2025 7:02 PM (IST)
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हरी साग-सब्जियों में अधिक खाद व कीटनाशक का नहीं करें छिड़काव

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– आमलोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रतिकूल असर कुरसेला हरी साग, सब्जियों की पैदावार में रसायनिक खाद के बढ़ते प्रयोग ने इसे मानव स्वास्थ्य के लिए घातक बना दिया है. स्वाद रूप में साग, सब्जियों का उपयोग फायदे से अधिक नुकसान दायक बनता जा रहा है. एक गोभी के पौधे लगाने के समय से लेकर फल कर तैयार होने तक तकरीबन तीन सौ ग्राम रसायनिक खाद दी जाती है. पौधे में तीन से चार बार कीटनाशक व विटामिन का छिड़काव किया जाता है. अवशोषित कर पौधे को स्वरूप प्रदान करता है. पैदावार का यह हाल केवल गोभी का नहीं है. मौसम के अनुरूप पैदावार होने वाले बंधा गोभी, टमाटर, बैगन, लौकी आदि सब्जियों में कमोवेश रसायनिक कम्पोस्ट और कीटनाशक का प्रयोग किया जाता है. साग और लत वाली सब्जियों में भी पैदावार बढ़ाने के लिए इसके उपयोग किये जाते है. जानकारों का कहना है कि टमाटर को पकने के लिए ऐथफोन 39 के लिक्वीड घोल से धोया जाता है. हरा टमाटर स्वतः पक कर लाल होने लगता है. बेहतर पैदावार के लिए सब्जियों की खेती करने वाले नब्बे प्रतिशत कृषक रसायनिक खाद का प्रयोग करते हैं. जैविक खाद का उपयोग पौधे लगाने के वक्त कुछेक कृषक करते हैं. साग, सब्जियों की खेती करने वाले किसानों का मकसद अधिक पैदावार से लाभ कमाने का होता है. जिसके लिए किसानों द्वारा खाद उपयोग की कई प्रक्रिया अपनाई जाती है. हरा ताजा दिखने के लिए रंगों का प्रयोग जानकारों के अनुसार हरी दिखने वाले सब्जियों को रंगों लिक्विड से धोया जा रहा है. हाट बजार में खुलेआम सब्जियों को हरे रंगों से धोने का कार्य किया जाता है. सब्जियों को ताजा रखने के लिए लिक्विड घोल से धोया जाता है. लौकी को बढ़ाने के लिए इंजेक्शन लगाये जाने की बात भी कही जा रही है. स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रतिकूल असर रसायनिक खादों, कीटनाशक का बढ़ता प्रयोग स्वास्थ्य के लिए घातक बनता जा रहा है. रसायनिक खाद को अवशोषित करने वाली हरी साग, सब्जियां पेट के भीतर जाकर मीठा जहर बन जाती है. इसका असर लीवर सहित किडनी और शरीर के भाग पर दुष्प्रभाव बनाती है. जिससे शरीर पर रोग प्रकोप के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. बिकने वाली सब्जियों की जांच की नहीं है व्यवस्था साग, सब्जियों में हानिकारक रसायनिक खाद व छिड़काव की जांच नहीं होती है. जिससे आंख मुंद कर सब्जियों की खेती करने वाले कृषक इसका उपयोग कर पैदावार करते है. भोजन में स्वादिष्ट व्यंजन के तौर पर साग, सब्जियों का उपयोग में इसके दुष्प्रभाव नजर अंदाज कर दिया जाता है. कहते है चिकित्सा पदाधिकारी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमर लाल वर्मा ने बताया कि अधिक रसायनिक खाद प्रयोग किये गये साग, सब्जियों के खाने से शरीर पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है. अधिक रसायनिक खाद, कीटनाशक प्रयोग वाले हरी साग सब्जियों के खाने से मानसिक, शारीरिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ता है. ऐसी साग, सब्जियों का सेवन गर्भवती महिलाओं, बच्चों के लिए बेहद हानिकारक होता है.

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