Katihar news : नवजात की मौत के बाद परिजनों से 20 हजार की मांग, नहीं देने पर नवजात का शव देने से किया इंकार
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 12 Dec 2024 10:08 PM
शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग व पुलिस-प्रशासन ने अस्पताल में छापेमारी कर नवजात के शव को बरामद कर परिजन को सौंपा
कोढ़ा. कोढ़ा थाना क्षेत्र के गेड़ाबाड़ी जुराबगंज स्थित जीवन ज्योति हेल्थ केयर में नवजात की मौत के बाद 24 घंटे तक 20 हजार राशि के लिए शव परिजनों को नहीं दिया. परिजनों ने जब इसकी शिकायत एसडीपीओ व चिकित्सा पदाधिकारी से की तो टीम बनाकर उक्त अस्पताल में छापेमारी कर नवजात के शव को बरामद कर परिजनों के हवाले किया गया. जानकारी के अनुसार, पोठिया थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी रवीश कुमार की पत्नी विभा कुमारी को प्रसव के लिए उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्रसव उपरांत उक्त अस्पताल में कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गयी. जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से 20 हजार रुपये की मांग की. परिजनों ने राशि देने से इनकार करने पर नर्सिंग होम प्रबंधन ने नवजात का शव देने से इंकार कर दिया. कहा कि जब तक राशि नहीं दोगे तब तक मृत नवजात का शव आपको नहीं सौपेंगे. तब जाकर परिजनों ने इसकी शिकायत कोढ़ा चिकित्सा पदाधिकारी अमित आर्य और एसडीपीओ धर्मेंद्र कुमार को आवेदन देकर की. पीड़ित परिजनों के आवेदन में कुंदन कुमार साह, रामनगर, थाना पोठिया, कटिहार निवासी ने जिक्र किया है कि मेरे भाई रवीश कुमार साह अपनी पत्नी विभा कुमारी उम्र 21 वर्ष प्रसव कराने आशा रुक्मिणी देवी, दियरा चांदपुर, थाना पोठिया ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेली ले गयी. कुछ देर बाद उसके द्वारा गेड़ाबाड़ी कोढ़ा में स्थित जीवन ज्योति हेल्थ केयर लेकर चले गये. इसके बाद जीवन ज्योति हेल्थ केयर द्वारा भर्ती कर लिया गया, जहां प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गयी. आवेदन में कहा है कि उक्त अस्पताल के प्रबंधन ने 20 हजार रुपये ले लिया और नवजात की मौत हो जाने के बाद भी मुझसे 15 हजार रुपये की मांग करने लगे. रुपये नहीं देने के बाद नवजात का शव देने से मना कर दिया. नवजात के शव को 24 घंटा से बंधक बनाकर रखा हुआ है. आवेदन मिलते ही एक टीम का गठन किया गया. टीम में कोढ़ा सीओ अंजू कुमारी, चिकित्सा पदाधिकारी अमित आर्य, कोढ़ा प्रभारी अध्यक्ष राजेश कुमार शामिल थे. टीम ने अस्पताल परिसर में छापेमारी की, जहां डॉक्टर मौजूद नहीं मिले. अस्पताल के स्टाफ से दस्तावेज मांगे गये. लेकिन वे कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके. चिकित्सा पदाधिकारी अमित आर्य ने बताया कि दस्तावेज न होने की स्थिति में अस्पताल पर कार्रवाई की जायेगी. आगे की जांच की जा रही है. प्रशासन ने नवजात का शव को लेकर परिजन को सौंप दिया. नवजात का शव मिलते ही परिजन शव को लेकर अपने घर ले जाकर दाह संस्कार की तैयारी में जुट चुके थे. स्थानीय लोगों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. अस्पताल पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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