फलका फलका प्रखंड के चार सरकारी मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को बिहार सरकार के महत्वकांक्षी मध्यान भोजन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. मध्यान भोजन बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके पोषण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. अभिभावकों व ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है. फलका प्रखंड में कुल छह बिहार सरकार से मन्यता प्राप्त मदरसा है. दो मदरसा ओस्मानिया फलका. मदरसा मोरसंडा में मध्यान भोजन बच्चों क़ो सुचारु रूप से सरकार के फंड से खिलाया जा रहा. मदरसा इस्लामिया अरबीया पोठिया, जामिया शरीफया दयालपुर, मदरसा मोहम्मदिया राजधानी में मध्यान भोजन वर्षो से बच्चों क़ो नहीं खिलाया जा रहा है. नतीजतन बच्चे खाली पेट पढ़ाई करने को मजबूर हैं. अभिभावकों का कहना है कि सरकार द्वारा गरीब व जरूरतमंद बच्चों के लिए मध्यान भोजन योजना चलाई जा रही है. ताकि बच्चों को पौष्टिक आहार मिल सके और विद्यालय में उपस्थिति बढ़े. योजना की लापरवाही से यह उद्देश्य विफल होता नजर आ रहा है. कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. लोगों ने शिक्षा विभाग और प्रखंड प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर मध्यान भोजन की व्यवस्था नियमित कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर शीघ्र ही मध्यान भोजन शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन से त्वरित समाधान की अपेक्षा की जा रही है. मदरसा शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मौलाना इजहार ने बताया की मध्यान भोजन क़ो लेकर कई बार वरिय पदाधिकारी क़ो लिखित दी गयी है. साथ सारा प्रावधान की कागजात कार्यलय क़ो उपलब्ध कराया दिया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. कहते है पदाधिकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविन्द कुमार सिन्हा ने बताया की इस मामले क़ो लेकर वरीय पदाधिकारी क़ो लिखा गया है. उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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