डूमर के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीजों के साथ बर्बरता

Updated at : 08 Oct 2025 7:49 PM (IST)
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डूमर के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीजों के साथ बर्बरता

डूमर के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीजों के साथ बर्बरता

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– परिजनों ने जमकर किया हंगाम, सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को कराया शांत फोटो 11 कैप्शन- शिकायत के बाद जांच करने पहुंची पुलिस प्रतिनिधि, समेली पोठिया थाना क्षेत्र के डूमर स्थित सहारा फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में नशे के शिकार मरीज के साथ बर्बरता पूर्ण बर्ताव व निर्दयतापूर्ण मारपीट को लेकर बुधवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया. नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीजों के अभिभावकों को जानकारी मिली कि उनके बच्चों को लगातार बेरहमी से पीटा जा रहा है. अभिभावक जब पहुंचे तो देखकर सभी हैरान हो गये. पूर्णिया जिले के आलमनगर मंजौरा का 23 वर्षीय युवक करीब तीन महीने से भर्ती था. उसके पूरे शरीर में जगह- जगह काले निशान पड़े थे. अन्य मरीजों का भी चोट के निशान से बुरा हाल था. दरभंगा निवासी 24 वर्षीय आकाश को कमर के नीचे बड़ा सा घाव था. परिजनों ने आरोप लगाया कि उसे इतनी बुरी तरीके से पीटा गया था कि करीब दो महीने तक बिना कपड़े पहने किसी तरह हाथ के बल लेटा रहता था. मरीज के भर्ती के उपरांत 45 दिनों तक अभिभावक या परिजनों से मिलने नहीं दिया जाता था. करीब डेढ़ महीने के बाद केवल सीसीटीवी कैमरे पर मरीजों को देखने देता था. जबकि पूरे कोर्स की अवधि करीब छह महीने तक की होती है. मौजूद लेटर पैड में एमबीबीएस एमडी न्यूरो एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ नायाब अंजुम का नाम अंकित है. जबकि भर्ती पीड़ित मरीजों का आरोप है पिछले पांच महीने से डाॅक्टर एक बार भी केंद्र पर नहीं आये. मरीजों को दी जाती है थर्ड डिग्री टॉर्चर नशा मुक्ति में भर्ती पीड़ित मरीजों का आरोप है यहां बहुत बेरहम सजा दी जाती है. किसी भी मरीजों को दीवार से सटकर बैठने की अनुमति नहीं है. पूरा दिन एक निश्चित दूरी पर सभी को अलग-अलग बैठा दिया जाता है. यदि कोई मरीज नियम पालन में कोताही करता है तो उसे प्लास्टिक के पाइप से सैकड़ों डंडे बरसाये जाते हैं. भर्ती अधिकतर मरीजों के पैर, हाथ कमर व जांघ पर गहरी चोट के निशान हैं. वार्डन आदर्श कुमार ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र के संचालक प्रियांशु कुमार उर्फ गोपी के निर्देश पर सभी मरीजों को सजा दी जाती है. कहा, मधेपुरा जिले के एक मरीज के प्राइवेट पार्ट पर करीब तीन लीटर वाली प्लास्टिक के डब्बे में पानी भरकर रस्सी से लटका दिया था. जिस पर गहरे निशान बन गये हैं. भर्ती मधेपुरा जिले के पीड़ित मरीजों ने बताया कि मरीज को शौचालय में सुलाकर दूसरे मरीजों द्वारा उनके बदन पर पेशाब कराया गया. यहां तक की केंद्र में मरीज के ऊपर कुत्ता छोड़ दिया जाता है. इस बर्बरता को लेकर भर्ती सभी मरीज दहशत में हैं. इसकी सूचना तुरंत पोठिया पुलिस को दी गयी. थानाध्यक्ष नवीन कुमार नशा मुक्ति केंद्र के संचालक प्रियांशु कुमार उर्फ गोपी व अन्य दो सहयोगियों को हिरासत में लेकर थाना लाया. शिकायत नशा मुक्ति में भर्ती एक परिजनों ने लिखित आवेदन देकर उक्त बातों की जानकारी दी है. कहते हैं थानाध्यक्ष थानाध्यक्ष नवीन कुमार से बात करने पर कहा कि हंगामा की सूचना पर पहुंचकर मामले को शांत कराया. उन्होंने कहा कि अब तक मरीज के किसी परिजन की ओर से आवेदन नहीं दिया गया है. यदिह शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जायेगी.

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