कदवा सागरथ पंचायत के वार्ड संख्या चार, रामनगर में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना संवेदक व कनीय अभियंता की मिलीभगत से मजाक बनकर रह गया है. यहां सड़क मरम्मति के नाम पर सरकारी राशि की खुली बंदरबांट चल रही है. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानक के विपरीत घटिया सामग्री का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है. कार्य स्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर मसाला तैयार कर लाया जा रहा है. जबकि नियम के अनुसार मसाला कार्य स्थल पर ही तैयार किया जाना अनिवार्य है. ताकि गुणवत्ता की निगरानी की जा सके. ग्रामीणों का आरोप है ऐसी सड़क पहली ही बारिश में दम तोड़ देगी. लेकिन इसकी चिंता न संवेदक को है और न ही विभागीय अधिकारियों को. ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य कनीय अभियंता की मौजूदगी के बिना ही कराया जा रहा है. यह साफ दर्शाता है कि या तो कनीय अभियंता जानबूझकर आंख मूंदे हुए हैं या फिर पूरी तरह से संवेदक के इशारों पर काम हो रहा है. कनीय अभियंता राजन कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने गोलमटोल जवाब देते हुए कहा मैं अभी दूसरे साइड पर हूं. यहां से निकलूंगा तब वहां जाऊंगा. यह जवाब ही विभागीय कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. लोगों ने कहा, जिलाधिकारी से लेकर निगरानी विभाग तक शिकायत करेंगे. निर्माण कार्य को रोकने के लिए आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे. आखिर बिना निगरानी कैसे हो रहा है सरकारी सड़क का निर्माण.क्या वरीय अधिकारी जान बूझकर आंख मूंदे बैठे हैं.
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