कटिहार में सुबह-शाम गूंजती है मां दुर्गा की आरती, दूर-दूर से दर्शन करने पहुंचते हैं श्रद्धालु

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 08 Jun 2026 7:08 AM

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कटिहार का प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर

Aaj Ka Darshan : कटिहार का प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है. यहां हर दिन सुबह और शाम होने वाली सामूहिक आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं.

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कटिहार शहर से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट

Aaj Ka Darshan : कटिहार. शहर के प्रमुख सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में इन दिनों सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आने वाले भक्त निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचकर आराधना करते हैं. मंदिर में प्रतिदिन दो बार होने वाली सामूहिक आरती श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है.

सुबह से रात तक खुला रहता है आस्था का द्वार

मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना का समय निर्धारित किया गया है. सुबह 7:30 बजे मंदिर के पट खुलते हैं और दोपहर 1:30 बजे तक पूजा का क्रम चलता है. इसके बाद दोपहर 1:30 बजे से 3 बजे तक मंदिर बंद रहता है. फिर शाम 3 बजे से मंदिर दोबारा खुलता है और रात 9:30 बजे तक श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं.

मंदिर प्रशासन का कहना है कि निर्धारित समय में आने वाले भक्तों को पूजा करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जाती हैं.

सामूहिक आरती में उमड़ती है श्रद्धा

दुर्गा मंदिर की सबसे खास पहचान यहां होने वाली सामूहिक आरती है. प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे और शाम 7:30 बजे आरती आयोजित की जाती है. आरती के दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

पूजा व्यवस्था संभालते हैं अनुभवी पंडित

मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी अलग-अलग पंडितों को सौंपी गई है. पंडित अजय मिश्रा, पंडित सच्चिदानंद पाठक, पंडित हीरा झा और पंडित दिलीप झा बारी-बारी से पूजा संपन्न कराते हैं. श्रद्धालुओं को विधि-विधान से पूजा कराने के साथ वे आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन भी करते हैं.

कटिहार की पहचान बन चुका है यह मंदिर

दुर्गा मंदिर ट्रस्ट के सदस्य प्रभाकर झा बताते हैं कि इस मंदिर की प्रसिद्धि कटिहार ही नहीं, आसपास के जिलों तक फैली हुई है. विशेष रूप से नवरात्र, दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक पर्वों के दौरान यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है.

मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है. यही वजह है कि कटिहार का यह दुर्गा मंदिर आज शहर की धार्मिक पहचान के रूप में स्थापित हो चुका है, जहां हर दिन आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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