तबाही मचाने को आतुर गंगा-कोसी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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दहशत . नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से लोगों की सांसें अटकी जिले में महानंदा नदी का कहर समाप्त होने के बाद अब गंगा, कोसी, बारंडी व कारी कोसी नदी तबाही मचाने को आतुर हैं. कोसी व कारी कोसी नदी के जलस्तर में हुयी वृद्धि से दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर […]
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दहशत . नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से लोगों की सांसें अटकी
जिले में महानंदा नदी का कहर समाप्त होने के बाद अब गंगा, कोसी, बारंडी व कारी कोसी नदी तबाही मचाने को आतुर हैं. कोसी व कारी कोसी नदी के जलस्तर में हुयी वृद्धि से दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. कमोबेश गंगा व बारंडी नदी की स्थिति भी यही है.
कटिहार : महानंदा को छोड़ इन नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से सैंकड़ों एकड़ में लगी फसल बरबाद हो गयी है. पिछले 12 घंटे के दौरान इन नदियों के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. नदियों के जलस्तर में वृद्धि से गांव में पानी प्रवेश करने के साथ-साथ स्पर पर कटाव का खतरा मंडराने लगा है.
हालांकि महानंदा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही कमी के बावजूद लाभा-चौकिया पहाड़पुर-महानंदा दायां तटबंध के गोविंदपुर मदरसा के पास कटाव का खतरा बरकरार है. इस तटबंध से पानी की दूरी महज तीन से सात सेंटीमीटर बचा हुआ है. यद्यपि तटबंध के अलग-अलग हिस्सों में मिट्टी का क्षरण जारी है. इधर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अनुसार कोसी नदी कुरसेला रेलवे ब्रीज पर एचएफएल से मात्र 14 सेंटीमीटर कम है.
जबकि 1.90 मीटर लाल निशान से उपर बह रही है. यही स्थिति कारी कोसी नदी की भी है. इस नदी के चैन संख्या 389 पर जलस्तर खतरे के निशान से 1.69 मीटर उपर बह रही है. इससे आसपास के लोगों में भय का माहौल है.
काढ़गोला में गंगा खतरे के निशान से ऊपर : वहीं गंगा नदी काढ़ागोला में खतरे के निशान से 1.30 मीटर उपर बह रही है. बारंडी नदी एनएच-31 डुम्मर के पास खतरे के निशान से 68 सेंमी उपर बह रही है.
विधायक ने भी ली बाढ़ पीड़ितों की सुधि : बरारी विधायक नीरज कुमार यादव ने भी मलेनियां मिर्जापुर कमला कान्ही, बसूहार मजदिया गांव में बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनके स्थितियों से अवगत हुये. विधायक श्री यादव ने कहा कि कुरसेला प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ से स्थिति गंभीर हो गयी है. प्रभावितों के बीच शीघ्र और गतिपूर्वक राहत कार्य चलाये जाने की जरूरत है. मौके पर प्रखंड राजद अध्यक्ष अरूण कुमार साह आदि उपस्थित थे.
खतरे के निशान से ऊपर बह रही है कोसी और गंगा
कोसी, गंगा, कारी कोसी व बारंडी नदी के जलस्तर में हुयी बेतहाशा वृद्धि से बाढ़ का पानी कई गांव में प्रवेश कर गया है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अनुसार गंगा नदी रामायणपुर में शनिवार की शाम जलस्तर 26.69 मीटर था जो रविवार को बढ़कर 26.75 मीटर हो गया. रामायणपुर में गंगा चेतावनी स्तर से 04 सेंटीमीटर उपर बह रही है. इसी नदी के काढ़ागोला में जलस्तर 31.13 मीटर था. जो बढ़कर 31.17 मीटर हो गया है. यहां खतरे के निशान से यह नदी 1.30 मीटर उपर बह रही है. बारंडी नदी एनएच-31 डुम्मर के पास खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर उपर बह रही है.
यहां का जलस्तर 31.25 मीटर था जो रविवार की सवेरे बढ़कर 31.28 मीटर हो गया है. कारी कोसी नदी का जलस्तर खतरें के निशान से 1.69 मीटर उपर बह रही है. यहां का जलस्तर 30.15 मीटर था. जो रविवार की सवेरे बढ़कर 30.20 मीटर हो गया है. सबसे खराब स्थिति कोसी नदी की है. यह नदी कहर बरपाने के लिये आतुर हो चुकी है. यह नदी एचएफएल से मात्र 14 सेंटीमीटर कम है. जबकि यह नदी खतरे के निशान से 1.90 मीटर उपर बह रही है.
यहां का जलस्तर शनिवार की शाम 31.85 मीटर था. जो रविवार की सवेरे बढ़कर 31.90 मीटर हो गया है. इस बीच बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अनुसार महानंदा नदी का जलस्तर गोविंदपुर में छोड़कर सभी स्थानों पर घट रही है. हालांकि महानंदा के जलस्तर में कमी होने के बाद भी लाभा-चौकिया पहाड़पुर-महानंदा दायां तटबंध के गोविंदपुर रिटायर लाइन मदरसा के पास कटाव का खतरा बना हुआ है. महज तीन से सात मीटर पानी की दूरी बची हुयी है. कुछ स्थानों पर मिट्टी का क्षरण जारी है.
सैकड़ों एकड़ में लगी फसल हो गयी बर्बाद
कोसी गंगा व कारी कोसी नदी के जलस्तर में हुयी अप्रत्याशित वृद्धि से भारी तबाही की संभावना बढ़ गयी है. हालांकि गंगा व कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से कुरसेला, मनिहारी, अमदाबाद, बरारी प्रखंड के दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है.
लोग बाढ़ के पानी की वजह से उंचे स्थलों पर शरण लेने की तैयारी कर रहे हैं. दूसरी तरफ सैंकड़ों एकड़ में लगी फसल भी गंगा व कोसी नदी के पानी में डुब चुका है. जलस्तर में हो रही वृद्धि से बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल काढ़गोला के सभी स्पर पर खतरा मंडराने लगा है. स्पर पर होने वाले कटाव को रोकने के लिये बोल्डर व बालू भरे बोरा का भंडारण किया जा रहा है. जबकि स्पर संख्या 08 की स्थिति नाजुक बनी हुयी है.
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