डॉक्टर नदारद, करंट से झुलसे व्यक्ति की मौत

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बारसोई (कटिहार) : करंट से झुलसे मुख्तार आलम (54) की रविवार को इलाज के अभाव में अनुमंडल अस्पताल बारसोई में मौत हो गयी. इससे आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने शव को अस्पताल के मुख्य द्वार पर रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग करने लगे. मौके पर पहुंचे विधायक […]

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बारसोई (कटिहार) : करंट से झुलसे मुख्तार आलम (54) की रविवार को इलाज के अभाव में अनुमंडल अस्पताल बारसोई में मौत हो गयी. इससे आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने शव को अस्पताल के मुख्य द्वार पर रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग करने लगे.

मौके पर पहुंचे विधायक महबूब आलम के आश्वासन पर लोग शांत हुए. प्रखंड के रघुनाथपुर मसजिद चौक निवासी मुख्तार आलम (54) रविवार को करंट से गंभीर रूप से झुलस गये थे. परिजन व ग्रामीण उन्हें तत्काल अनुमंडल अस्पताल ले गये. परिजनों का आरोप था कि जब मुख्तार आलम को अस्पताल लाया गया, तो वहां ड्यूटी पर तैनात डॉ राजीव नयन नहीं थे. आधा घंटे तक गंभीर रूप से झुलसे मुख्तार तड़पते रहे, लेकिन चिकित्सक नहीं आये और इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गयी.
घटना की सूचना मिलते ही विधायक महबूब आलम, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मामून रशीद, मुखिया फिरोज आलम उर्फ पप्पू आदि अस्पताल पहुंचे तथा परिजनों एवं ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत करवाया. विधायक श्री आलम ने कहा कि अस्पताल में आरोपी चिकित्सक पर अक्सर अनुपस्थित रहने की शिकायत मिलती है. उन्होंने विभाग से इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की है.
मुख्य द्वार पर शव रख कर किया हंगामा
करंट से गंभीर रूप से झुलसे मुख्तार आलम को परिजन व स्थानीय लोग जब बारसोई अस्पताल लेकर पहुंचे, तो अस्पताल में तैनात चिकित्सक ड्यूटी से गायब थे. चिकित्सक की खोज में परिजन अस्पताल की खाक छानते रहे, लेकिन कोई चिकित्सक मौके पर नहीं मिला. काफी देर तक परिजन कर्मियों से गुहार लगाते रहे कि चिकित्सक को बुला दें, नहीं तो मरीज नहीं बचेगा, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और मुख्तार ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. इससे आक्रोशित परिजनों व स्थानीय लोगों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया. अस्पताल के मुख्य द्वार पर शव को रख कर आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग करने लगे.
क्या कहते हैं चिकित्सक
डॉ राजीव नयन ने कहा कि वे घटना के वक्त अस्पताल के प्रसव कक्ष में मरीज को देख रहे थे. परिजनों के द्वारा लगाया गये आरोप गलत हैं. वे अस्पताल में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे.
क्या कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक
बारसोई अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरुण कुमार ने कहा कि घटना के 20 मिनट पहले तक डॉ राजीव नयन अस्पताल में ही थे. घटना के वक्त कहां चले गये, उन्हें पता नहीं है. डॉक्टर के गायब रहने के मामले में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.
परिजनों ने शव रख किया प्रदर्शन
अनुपस्थित चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग
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