Kaimur News : डीडीसी कार्यालय में मनरेगा माफियाओं का है कब्जा : अजीत सिंह

Edited by PANCHDEV KUMAR
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आम व खास को बांट कर कैमूर पुलिस करती है कार्रवाई

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भभुआ नगर.

उप विकास कार्यालय भवन स्थित मनरेगा कार्यालय पर माफियाओं का कब्जा है. मनरेगा में लूट-खसोट मची हुई है. उर्वरक सप्लाइ व कीटनाशक के नाम पर करोड़ों की अवैध निकासी की गयी है. विगत दिनों प्रभात खबर अखबार में प्रमुखता से उठाये गये मनरेगा में भ्रष्टाचार के मुद्दे सत्ता पक्ष के सदस्य द्वारा बीस सूत्री के बैठक में भी गंभीरता से उठाये गये. इसके बावजूद भी प्रोसीडिंग्स में इसे दर्ज तक नहीं किया गया. उक्त बातें राष्ट्रीय जनता दल के रामगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सह राजद नेता अजीत कुमार सिंह ने शनिवार को शहर स्थित राष्ट्रीय जनता दल के जिला कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कहीं. इस दौरान राजद नेता ने कहा कि कैमूर पुलिस दो तरह से काम कर रही है. आम लोगों के लिए नियम दूसरा है, तो खास लोगों के लिए नियम कुछ और है. विगत दिनों सत्ताधारी पार्टी के रामगढ़ के विधायक अशोक सिंह की पिकअप गाड़ी चोरी हो जाती है, तो पूरा कैमूर पुलिस लग जाता है और 24 घंटे में ही जिले से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर से चोरी गये पिकअप को बरामद कर लिया जाता है. खास बात यह है कि चोरी की प्राथमिकी भी दर्ज नहीं होती है और चोरी करने वाला भी छूट जाता है. जबकि, आये दिन जिले में बाइक व वाहनों की चोरी हो रही है. जहां एक ही दिन में पांच पांच बाइकें की चोरी हो जा रही है, लेकिन बरामद नहीं हो रही है. इससे यह प्रतीत होता है कि कैमूर पुलिस सिर्फ कुछ खास लोगों के लिए ही काम कर रही है. साथ ही कहा कि कैमूर में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गयी है. दारू माफिया, नशीले पदार्थ सप्लाइ करने वालों का बोलबाला है. जनता दल ही नहीं बल्कि, बीस सूत्री के बैठक में सत्ताधारी पक्ष के लोगों द्वारा यह मामला उठाया गया. मामले उठाये जाने पर पुलिस द्वारा यह गिनाया गया कि गांजा शराब पकड़ा गया. इससे यह प्रतीत होता है कि जिले में धड़ल्ले से शराब व नशीली पदार्थ की सप्लाइ हो रही है. क्योंकि, ये चेकपोस्ट पर नहीं शहर में पकड़ रहा है. इससे यह साबित हो रहा है कि कैमूर पुलिस पूरी तरह से नाकाम है.

= लिच्छवी भवन के निर्माण से ज्यादा उसकी मरम्मत पर खर्च कर दी गयी राशिराजद नेता ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह भी कहा की लिच्छवी भवन का निर्माण राजद सरकार में हुआ था. तब जितना खर्च भवन बनाने में नहीं हुआ था, उतना खर्च आज जिला प्रशासन ने मरम्मत में कर दिया. फिर भी लिच्छवी भवन की स्थिति खराब है. एयर कंडीशन से लेकर भवन व बनाये गये शौचालय भी सही से कार्य नहीं कर रहे हैं. लेकिन, मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये की निकासी कर ली गयी है, जबकि शहर में नाली गली की भी स्थिति काफी खराब है.

= कोटा के अनुसार नहीं दिया जा रहा है डीएपीराजद नेता अजीत सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा की जिले में जितनी डीएपी खाद की खपत है. इसके अनुसार कोटा निर्धारित किया गया है. उससे भी 50% कम डीएपी जिले को उपलब्ध करायी गयी है. इस कारण दुकानदार कालाबाजारी कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन है. साथ ही कि किसानों के मुआवजा के लिये जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है, उसका भुगतान भी सर्किल रेट के अनुसार नहीं किया जा रहा है. इस दौरान मौके पर जिला प्रधान सचिव भोलानाथ सिंह, अरुण कुमार, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ललन सिंह, जनार्दन उपाध्याय, मुकेश पटेल, अखिलेश पटेल, विद्योत्तमा देवी केसरी, सुभाष यादव सहित कई अन्य मौजूद थे.

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