चार दिनों पहले लखनऊ से चोरी हुई कार पंजराव से बरामद, एक गिरफ्तार, दूसरा फरार
Published by :Vikash Kumar
Published at :14 Jul 2025 6:18 PM (IST)
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KAIMUR NEWS.उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआइ थाने से चार दिनों पहले चोरी की गयी कार को यूपी पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से पंजराव गांव से बरामद किया है. साथ ही एक आरोपित को गिरफ्तार किया है.
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सीसीटीवी फुटेज के सहारे चार दिनों में यूपी पुलिस ने घटना का किया खुलासा
दो सगे भाइयों ने स्कॉर्पियो से जाकर चोरी को दिया था अंजाम
नुआंव, प्रतिनिधि
.उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआइ थाने से चार दिनों पहले चोरी की गयी कार को यूपी पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से पंजराव गांव से बरामद किया है. साथ ही एक आरोपित को गिरफ्तार किया है, जबकि उक्त कांड में शामिल दूसरा आरोपी फरार है. पकड़े गये आरोपित को यूपी पुलिस कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बरामद सामान के साथ पीजीआइ थाने ले गयी. दरअसल चार दिनों पहले लखनऊ पीजीआइ अस्पताल के वरीय पद पर रहने वाले एक अधिकारी की हुंडई कार, जिसका रजिस्ट्रेशन संख्या यूपी 32 जीबी 5655 है, को पंजराव गांव के रहने वाले दो सगे भाई सोनू कुमार व शक्तिमान सिंह, पिता विजय शंकर सिंह ने चुरा लिया था. चोरी के बाद पीड़ित ने पीजीआइ थाने में प्राथमिकी करायी थी. प्राथमिकी के बाद यूपी पुलिस ने कांड संख्या 44/2025 के अनुसंधान के क्रम में दोनों भाइयों को सीसीटीवी कैमरे में भभुआ का नंबर लगे स्कॉर्पियो के साथ चोरी गये स्थल पर प्रवेश करते व चोरी की कार के साथ वहां से निकलते देखा. जिसकी तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गयी थी. नंबर के आधार पर यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार सोमवार की सुबह नुआंव थाने पहुंचे और आरोपितों के यहां छापेमारी के लिए थानाध्यक्ष विकास कुमार से सहयोग लिया. स्थानीय पुलिस के साथ की गयी छापेमारी में सोनू को कार के साथ उसके घर से दबोच लिया गया, जबकि उसका भाई शक्तिमान सिंह फरार मिला. सोनू के पास से कार के साथ चोरी की एक एलइडी टीवी व कुछ सामान भी बरामद किये गये हैं.दूसरे राज्यों में करते थे चोरी, ताकि न हो पहचान
इस संबंध में थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि यूपी पुलिस सभी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पकड़े गये आरोपित सोनू को चोरी के सामान के साथ लखनऊ ले गयी. पूछताछ में आरोपित ने बताया है कि वो लोग चोरी अपने जिले में न देकर दूसरे राज्यों के बड़े शहरों में करते थे., ताकि उनपर कोई शक ना कर सके. बहरहाल यूपी पुलिस की तत्परता व अनुसंधान की स्थानीय लोगों ने भी सराहाना की.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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