Kaimur News : हर साल बढ़ रहा बजट, फिर भी नहीं बदल रही नगर पर्षद क्षेत्र की सूरत

नगर पर्षद भभुआ ने इस बार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लगभग ढाई अरब का बजट पेश करने का लक्ष्य रखा है. होली बाद संभावित 20 मार्च को पेश किये जाने वाले नगर पर्षद बजट को लेकर नप कार्यालय में जोर-शोर से तैयारी भी शुरू है.
भभुआ सदर. नगर पर्षद भभुआ ने इस बार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लगभग ढाई अरब का बजट पेश करने का लक्ष्य रखा है. होली बाद संभावित 20 मार्च को पेश किये जाने वाले नगर पर्षद बजट को लेकर नप कार्यालय में जोर-शोर से तैयारी भी शुरू है. इस बार भी सबसे पहले बजट को अनुमोदन के लिए नगर पर्षद के स्थायी सशक्त कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा. यहां से हरी झंडी मिलने के बाद बजट को 20 मार्च को होनेवाली विशेष बैठक में पेश कर दिया जायेगा. बजट पेश होने के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए विभागीय अधिकारी बजट को नगर आवास व आवास विभाग पटना भेजेंगे. इस बार के बजट में ड्रोन स्क्रीनिंग सिस्टम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पिंक टॉयलेट, चिल्ड्रन पार्क निर्माण, विवाह मंडप, एंबुलेंस व शव वाहन क्रय करने, तालाबों के चारों ओर सीढ़ी का निर्माण कराने, साइंटिफिक स्लाटरहाउस स्थापित करने, तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ फाउंटेन अधिष्ठापन, नौकायन आदि का प्रावधान किये जाने की संभावना है. इसके अलावा वार्षिक बजट में मल्टी लेवल कार पार्किंग सह मार्केट कॉम्प्लेक्स, टाउन हॉल, प्रशासनिक भवन निर्माण, पौधरोपण, सोख्ता निर्माण का भी प्रावधान लाया जा सकता है. नगर पर्षद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष के बजट में जिन योजनाओं को पास किया गया था और उसे पूरा नहीं किया जा सका, वैसी जरूरी योजनाओं को भी इस बार के बजट में शामिल किया जा सकता है. जैसे पिंक टॉयलेट, चिल्ड्रन पार्क, एंबुलेंस व शव वाहन क्रय करने, विवाह मंडप का निर्माण, तालाबों का जीर्णोंद्धार, सीवरेज, छठ घाट निर्माण, नयी लाइट लगाने, सामुदायिक भवन का निर्माण, वाहन स्टैंड सहित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने आदि है. = बजट के 10 से 15 प्रतिशत राशि ही हो पाती है खर्च नगर पर्षद के पेश होनेवाले इस बार के बजट पर कुछ वार्ड पार्षदों ने बताया कि नगर पर्षद भभुआ अपनी आमदनी से सैकड़ों गुणा अधिक सरकारी अनुदान के भरोसे बजट बनाती है. लेकिन, इनमें अधिकतर योजनाओं पर सरकार से अनुदान राशि नहीं मिलती है. इस कारण बजट में शहर के विकास के लिए ली गयी परियोजना पर काम नहीं होता है, जबतक आंतरिक आय का स्रोत बढ़ाने के लिए काम नहीं होगा, तबतक नप का 100 करोड़ का बजट शहरवासियों के लिए सिर्फ सपने दिखाने जैसा साबित होगा. = बजट के अनुसार नहीं मिलती नगर विकास विभाग से राशि दरअसल, नगर पर्षद भभुआ शहर की सूरत बदलने और बेहतर नागरिक सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहर को स्वच्छ रखने के लिए हर वर्ष भारी भरकम बजट तैयार करती है. इसके साथ नगर पर्षद अपने आंतरिक स्रोत से प्राप्त होने वाली आय और सरकारी अनुदान के भरोसे अपने बजट में शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए शहरीकरण की योजना तैयार करती है. इसके चलते हर वर्ष शहरी बजट का आकार बढ़ता जाता है. लेकिन,भ्रष्टाचार और अनियमितता की वजह तो बजट अनुसार विभाग से राशि जारी नहीं होने से शहर की सूरत बदलने के बजाय बिगड़ जाती है. अब विडंबना यह भी है कि पांच किलो मीटर के दायरे में फैले इस शहर में बेहतर सार्वजनिक पेयजल और शौचालय तक आम जन को नसीब नहीं है. इधर, हर बार की तरह इस बार भी वर्ष 2025-26 के लिए भी जोर शोर से 2.5 करोड़ का बजट तैयार किया जा रहा है. इसके पूर्व नगर पर्षद ने वर्ष 2024-25 में 1046977900 और वर्ष 2023-24 में 2334092200 का वार्षिक बजट पेश किया था. =हर साल शहर की सूरत बदलने का सपना रह जा रहा अधूरा वैसे बजट में भभुआ शहर की सूरत बदलने का सपना हर वर्ष नगर पर्षद जरूर दिखाता है, लेकिन शहर की समस्या जस की तस बनी रहती है. प्रत्येक माह शहर की सफाई के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने के बाद भी शहर की मुख्य सड़क से लेकर मुहल्लों में गंदगी पसरी है. जबकि शहरवासियों की माने तो हर वर्ष जलजमाव से निजात दिलाने, नाले नालियों की उड़ाही व पर्व त्योहार पर साफ सफाई में भी सरकारी राशि की बंदरबांट की जाती है. लेकिन सारे कवायदों और करोड़ों खर्च किये जाने के बावजूद आज भी बरसात के मौसम में शहर की हृदय स्थली एकता चौक सहित शहर के अधिकतर निचले इलाके डूबने लगते हैं. = बजट में शहर के सर्वांगीण विकास पर बल देने का प्रस्ताव नप के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि इस बार के बजट में शहर के सर्वांगीण विकास पर बल दिये जाने का प्रस्ताव लाया जाना है. बजट के अनुसार,गरीबों के उत्थान के साथ-साथ सड़क, गली, नाले को जहां ठीक कराया जायेगा. वहीं, कई वार्डों में जलजमाव से निजात के लिए तो कुछ क्षेत्रों में नये और मुख्य नाले का निर्माण भी कराया जायेगा. इसके अलावा शहर में पार्कों, सड़कों, साफ सफाई सहित महापुरुषों के प्रतिमा स्थलों को आकर्षित बनाया जायेगा. प्रयास है कि शहर मॉडल का रूप ले सके.
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By Prabhat Khabar News Desk
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